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गुहागरच्या शिमगोत्सवातील अद्वितीय 'देवखेळ' परंपरेची ही झलक आहे. यात शंकासुराचा नाच, घरोघरी जाणारी पालखी आणि ग्रामदेवतेच्या पूजेमागची पौराणिक कथा उलगडली आहे. या सांस्कृतिक महोत्सवातील ऊर्जा आणि भक्तीचा अनुभव यात टिपला आहे.
170064 2 г. назад 27:22
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