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Shri Ram Rachit Shambhu Stuti || Namami Shambhum Purusham Puranam || Lord Rama Prayers to Shiva #shiva #ram "नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं..." - यह कोई साधारण स्तुति नहीं है। यह स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम द्वारा भगवान शिव (महादेव) की आराधना में गाया गया श्लोक है। इस स्तुति का पाठ और श्रवण क्यों करें? ✨ हरि-हर मिलन: यह शिव और राम की अभूतपूर्व भक्ति का प्रतीक है। दौ दारिद्र्य निवारण: श्लोक 2 में इसे 'दारिद्र्य विदारणं' कहा गया है, जो दरिद्रता और दुखों का नाश करता है। रोग रोग नाश: यह 'रोगापहरं' है, यानी रोगों को हरने वाला। 🙏 मानसिक शांति: इसके संस्कृत शब्द मन को गहरी शांति और स्थिरता प्रदान करते हैं। जो भक्त राम और शिव, दोनों में विश्वास रखते हैं, उनके लिए यह स्तुति एक अनमोल रत्न है। अगर आपको यह प्रस्तुति पसंद आए, तो वीडियो को Like करें और 'Mere Shree Ji Productions' को Subscribe जरूर करें। 📌 Headphones recommended for deep meditation. जय श्री राम | हर हर महादेव 📜 SANSKRIT LYRICS (संस्कृत पाठ) 📜 नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं नमामि सर्वज्ञमपारभावम् । नमामि रुद्रं प्रभुमक्षयं तं नमामि शर्वं शिरसा नमामि ॥१॥ नमामि देवं परमव्ययंतं उमापतिं लोकगुरुं नमामि । नमामि दारिद्रविदारणं तं नमामि रोगापहरं नमामि ॥२॥ नमामि कल्याणमचिन्त्यरूपं नमामि विश्वोद्ध्वबीजरूपम् । नमामि विश्वस्थितिकारणं तं नमामि संहारकरं नमामि ॥३॥ नमामि गौरीप्रियमव्ययं तं नमामि नित्यंक्षरमक्षरं तम् । नमामि चिद्रूपममेयभावं त्रिलोचनं तं शिरसा नमामि ॥४॥ नमामि कारुण्यकरं भवस्या भयंकरं वापि सदा नमामि । नमामि दातारमभीप्सितानां नमामि सोमेशमुमेशमादौ ॥५॥ नमामि वेदत्रयलोचनं तं नमामि मूर्तित्रयवर्जितं तम् । नमामि पुण्यं सदसद्व्यातीतं नमामि तं पापहरं नमामि ॥६॥ नमामि विश्वस्य हिते रतं तं नमामि रूपापि बहुनि धत्ते । यो विश्वगोप्ता सदसत्प्रणेता नमामि तं विश्वपतिं नमामि ॥७॥ यज्ञेश्वरं सम्प्रति हव्यकव्यं तथागतिं लोकसदाशिवो यः । आराधितो यश्च ददाति सर्वं नमामि दानप्रियमिष्टदेवम् ॥८॥ नमामि सोमेश्वरंस्वतन्त्रं उमापतिं तं विजयं नमामि । नमामि विघ्नेश्वरनन्दिनाथं पुत्रप्रियं तं शिरसा नमामि ॥९॥ नमामि देवं भवदुःखशोक विनाशनं चन्द्रधरं नमामि । नमामि गंगाधरमीशमीड्यं उमाधवं देववरं नमामि ॥१०॥ नमाम्यजादीशपुरन्दरादि सुरासुरैरर्चितपादपद्मम् । नमामि देवीमुखवादनानां ईक्षार्थमक्षित्रितयं य ऐच्छत् ॥११॥ पंचामृतैर्गन्धसुधूपदीपैः विचित्रपुष्पैर्विविधैश्च मन्त्रैः । अन्नप्रकारैः सकलोपचारैः सम्पूजितं सोममहं नमामि ॥१२॥ 🍁 Credits 🍁 Stotra : Shri Ram Rachit Shambhu Stuti Video Editing : Sourabh Singh Produced For : Mere Shree Ji Productions