У нас вы можете посмотреть бесплатно DEVI PURAN : मन ही बंधन है, मन ही मुक्ति" - राजा जनक और शुकदेव संवाद | | अध्याय 18 |Radio или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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क्या मोक्ष पाने के लिए जंगल जाना अनिवार्य है? क्या एक राजा, एक पिता या एक कर्मचारी रहते हुए भी कोई पूरी तरह 'मुक्त' हो सकता है? आज 'Sarv Life' में हम सुनेंगे राजा जनक और शुकदेव जी का वह संवाद, जो हमारे जीवन जीने के नजरिए को हमेशा के लिए बदल देगा। [Key Highlights] इस अध्याय (18) की मुख्य चर्चाएँ: शुकदेव जी का राजा जनक की सभा में प्रवेश और स्वागत। गृहस्थ आश्रम बनाम संन्यास: कौन सा मार्ग श्रेष्ठ है? चींटी और पक्षी का उदाहरण: मन को साधने की सही गति क्या है? यज्ञों में होने वाली हिंसा पर शुकदेव जी का संशय। राजा जनक का वह गुप्त सूत्र: "बंधन और मोक्ष का असली कारण केवल मन है।" #DeviBhagwat #ShukdevMuni #VedVyas #Vairagya #SarvLife #Maya #Spirituality #PuranKatha #SanatanDharma #Wisdom #PuranKatha #RajaJanak #ShukdevJi #SanatanDharma #Peace #hindikatha