У нас вы можете посмотреть бесплатно कितना अहम है प्यार परमेश्वर का इंसान के लिये | Hindi Christian Song With Lyrics или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
Messenger: https://m.me/IndiaPraiseAlmightyGod?r... कितना अहम है प्यार परमेश्वर का इंसान के लिये | Hindi Christian Song With Lyrics परमेश्वर का हुक्म आदम के लिये - बाइबल की तस्वीर ये, मार्मिक भी है, दिल को भी छूती है। हालाँकि सिर्फ परमेश्वर और इंसान हैं तस्वीर में, मगर कितना अंतरंग रिश्ता है दोनों में, हैरानी भी होती है हमें, अनुराग भी जागता है दिल में। परमेश्वर का लबालब प्यार मिलता है इंसान को उदारता से, उसके आसपास ही है प्यार परमेश्वर का, परमेश्वर का। मासूम, निर्मल, किसी भी बंधन से बेफिक्र इंसान, रहता है आनंदित परमेश्वर की नज़र में। परमेश्वर करता है परवाह इंसान की, रहता है इंसान परमेश्वर की देखरेख में। इंसान के काम सारे, उसके वचन और कर्म सारे, बंधे हैं परमेश्वर से, जो अलग हो नहीं सकते। जिस पल बनाया इंसान को परमेश्वर ने, उस पल से ली है ज़िम्मेदारी इंसान की परमेश्वर ने। किस तरह की है ज़िम्मेदारी ये? उसी को हिफ़ाज़त करनी है इंसान की, उसी को नज़र रखनी है इंसान पर। वो चाहता है इंसान यकीन करे, यकीन करे उसके वचनों पर और उनका पालन करे। यही वो पहली चीज़ थी जो चाहता था परमेश्वर इंसान से। यही पहली उम्मीद लिये, परमेश्वर ने बोले ये वचन: तू खा सकता है बाग के दरख्तों के सारे फल बेख़ौफ, मगर तू न खाना भले-बुरे के ज्ञान के दरख़्त के फल, क्योंकि उस दिन गँवा बैठेगा तू जान अपनी, जिस दिन तूने खाए उस दरख्त के फल। परमेश्वर की इच्छा को ज़ाहिर करते ये मामूली वचन, दिखलाते हैं उसके दिल में पहले ही फिक्र थी इंसान की। देखते हैं इन मामूली वचनों में हम, क्या है दिल में परमेश्वर के। क्या प्यार है उसके दिल में? क्या परवाह और चिंता नहीं है वहाँ? महसूस किया जा सकता है, अनुभव किया जा सकता है, परमेश्वर के प्यार और परवाह को। गर ज़मीर और इंसानियत है तेरे अंदर, तो महसूस करेगा स्नेह, परवाह और प्यार परमेश्वर का तू, महसूस करेगा खुशी से धन्य ख़ुद को तू। जब महसूस करेगा इन चीज़ों को, तो कैसे पेश आएगा परमेश्वर से तू? क्या जुदा हो जाएगा उससे तू? क्या भक्तिमय प्यार, नहीं उपजेगा तेरे दिल में? क्या कशिश होगी उसके लिये तेरे दिल में? देखते हैं हम इससे, कितना अहम है प्यार परमेश्वर का इंसान के लिये। मगर उससे भी ज़्यादा अहम है, परमेश्वर का प्यार इंसाँ महसूस कर पाए, इंसाँ समझ पाए। "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से अधिक देखें स्तुति गीत • स्तुति गीत अधिक देखें गायन और नृत्य • सामूहिक गायन संगीत की नृत्य प्रस्तुतियाँ अधिक देखें भजन संगीत वीडियो • कलीसिया की भजन श्रृंखला