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🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #आचार्यप्रशांत #mind #overthinking #practice #truth #truthoflife #krishnaarjuna #अध्यात्म #spirituality वीडियो जानकारी: 25.11.2025, गीता समागम, बेंगलुरू Title : क्यों जीवन की उलझनें खत्म नहीं होतीं? || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी भगवद् गीता के अध्याय 6 के श्लोक 33, 34 और 35 पर चर्चा कर रहे हैं। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि अर्जुन मन की चंचलता की समस्या रखते हैं और कहते हैं कि मन को नियंत्रित करना वायु को रोकने जितना कठिन है। आचार्य जी समझाते हैं कि श्रीकृष्ण इसके समाधान के रूप में अभ्यास और वैराग्य का मार्ग बताते हैं। आसक्ति मूल समस्या नहीं है, बल्कि मनुष्य की असली समस्या आत्म-अज्ञान है। सच्चा वैराग्य त्याग से नहीं बल्कि आत्मज्ञान से उत्पन्न समझ से आता है। आचार्य जी समझाते हैं कि जाने हुए सत्य को जीवन में उतारते रहना ही अभ्यास है और यही मन की चंचलता को शांत करने का मार्ग है। ➖➖➖ अर्जुन उवाच योऽयं योगस्त्वया प्रोक्तः साम्येन मधुसूदन । एतस्याहं न पश्यामि चञ्चलत्वात्स्थितिं स्थिराम् ।। 33।। ~भगवद् गीता (6.33) अर्जुन ने कहा — हे मधुसूदन! जो यह योग आपने समता के साथ कहा है, इसकी स्थिर स्थिति मैं चंचलता के कारण नहीं देख पा रहा हूँ। काव्य नीयत रखो कि सच दिखे सत्य जियो ज्यों सांस हो आकाश एक है पंख दो हो वैराग्य और अभ्यास हो ~भगवद् गीता (6.33) ➖➖➖ चञ्चलं हि मनः कृष्ण प्रमाथि बलवदृढम्। तस्याहं निग्रहं मन्ये वायोरिव सुदुष्करम् ।। ~भगवद् गीता (6.34) हे श्रीकृष्ण! मन निश्चित ही चंचल, व्याकुल करने वाला, बलवान और हठी है। मैं उसका नियंत्रण वायु के समान अत्यन्त कठिन मानता हूँ। ➖➖➖ श्रीभगवानुवाच असंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलम् । अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते ।। ~भगवद् गीता (6.35) श्रीभगवान् ने कहा – हे महाबाहो! मन निःसंदेह कठिनता से नियंत्रण में आने वाला और चंचल है, परन्तु हे कुंतीपुत्र! अभ्यास से और वैराग्य से इसे साधा जा सकता है। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFwe... संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~