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Azim Khan's tomb अज़ीम ख़ान का मक़बरा, जो दिल्ली के महरौली में एक पहाड़ी पर स्थित 17वीं शताब्दी का एक गुंबददार स्मारक है, मुग़ल काल के दौरान के एक सेनापति की कहानी बताता है। यह मक़बरा, जिसे 'लाल बंजर' के नाम से भी जाना जाता है, अपनी वास्तुकला और स्थान के कारण प्रसिद्ध है, जो पास की पहाड़ियों का एक मनमोहक नज़ारा प्रदान करता है। अज़ीम ख़ान के मक़बरे का इतिहास और कुछ प्रमुख विवरण इस प्रकार हैं: निर्माता और समय: इस मक़बरे का निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ था, जो मुग़ल काल के बाद के समय को दर्शाता है। माना जाता है कि यह अकबर के समय का एक जनरल था, जिसका नाम अज़ीम ख़ान था, लेकिन इसके बारे में कुछ पुख्ता जानकारी नहीं है। स्थापत्य शैली: यह मक़बरा, एक वर्गाकार संरचना के रूप में, जो प्लास्टर से लेपित है और एक गुंबद से मुकुटित है, जिसमें नक्काशीदार डिज़ाइन भी है, एक ऊँचे चट्टानी चबूतरे पर स्थित है। सैन्य और ऐतिहासिक भूमिका: मुग़ल काल के बाद, ब्रिटिश शासन काल के दौरान, मक़बरे का उपयोग ब्रिटिश सैनिकों द्वारा मनोरंजक गतिविधि के लिए किया जाता था, क्योंकि यह अपनी ऊँची स्थिति और दृश्य के लिए पसंद किया जाता था। वर्तमान स्थिति और महत्व: आज यह मक़बरा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के तहत एक महत्वपूर्ण विरासत स्थल है, जो महरौली और आसपास के क्षेत्रों का 360-डिग्री का दृश्य प्रस्तुत करता है। 2010 में इसके पुनरुद्धार के बावजूद, इसे अभी भी सुरक्षा की आवश्यकता है, जिससे इस स्मारक की ऐतिहासिकता और महत्व बना रहे। यह स्थान, जिसमें तीन प्रवेश द्वार हैं (जिन्हें क्षति से बचाने के लिए सील कर दिया गया है), दिल्ली के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अंग है। #azimkhan #tomb #delhi