У нас вы можете посмотреть бесплатно मुमल जावे परदेस😥🥲 ( मुमल बाईसा री पीड़ा ) । राजस्थानी विरह गीत । Rajasthan Melody или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
🙏राम राम सा 🙏पधारो म्हारे चैनल पर इस चैनल पर आपको मिलेंगे मधुर राजस्थानी लोक गीत सावन, विरह, प्रेम और गांव की खुशबू से भरे गीत विदाई, शादी, मायरा, पीहर और पारिवारिक भावनाओं वाले सॉन्ग हमारे गीतों में आपको मिलेगा राजस्थानी संस्कृति की सादगी ♫दिल को छू जाने वाले बोल गांव, खेत, सावन और रिश्तों की सच्ची झलक अगर आपको पसंद हैं Rajasthani folk, Marwadi songs, emotional & romantic geet तो यह चैनल आपके लिए ही है। चैनल को Subscribe करें वीडियो को Like करें अपने विचार Comment में जरूर लिखें राजस्थानी संस्कृति को आगे बढ़ाने में हमारा साथ दें। 🙏धन्यवाद 🙏 गीत के बोल Lyrics 📝 👇👇👇👇 ओ... लेवे हिचकी काकल की माटी, रोवे लोद्रवा रो देश, किण रे भरोसे छोड़ चाल्या, मूमल... (लंबा खींचते हुए) मूँऽऽऽमल... जावे परदेस। ओ मूमल... मूँऽऽऽमल... जावे परदेस। सजधज बैठी ऊँटणिये पर, नयणां ढलके नीर, महलां री वो गलियाँ सूनी, टूट गयो है धीर। आंगणिये री चिड़कली उड़ी, काळजे लागे ठेस, किण रे भरोसे छोड़ चाल्या, मूमल... मूँऽऽऽमल... जावे परदेस। राणा महेंद्र जोवे रस्तो, मूमल थारी बाट, थारे बिना अब सूनी लागे, काकल री ये घाट। पीली पड़ गई मेड़ी थारी, बिखर गया सब केश, किण रे भरोसे छोड़ चाल्या, मूमल... मूँऽऽऽमल... जावे परदेस। रेत रा टीबा रुदन करे है, रोवे धोरों री पाल, पळ-पळ थारी याद सतावे, ओ मूमल! बुरा हाल। बिछड़न री आ रीत पुरानी, दुःख रो है दरवेश, किण रे भरोसे छोड़ चाल्या, मूमल... मूँऽऽऽमल... जावे परदेस। मत जाओ... मत जाओ मूमल... थारे बिना आ धरती बांझणी हो जासी, थारे बिना मूमल... मूँऽऽऽमल... मूँऽऽऽमल... ओ मूमल... जावे परदेस। लोद्रवा रो देश... मूमल... जावे परदेस। #मूमलजावेपरदेस #RajasthanMelody #मूमल #परदेस #राजस्थानीगीत #राजस्थानीदर्द #राजस्थानीलोकगीत #विरहगीत #बिछोह #दुखभरेगीत #रुलादेनेवाला #दिलकोछूले #आँखेंभरआए #माटीकीमहक #मरुधरकीपीड़ा #रेतरोदर्द #लोकसंस्कृति #राजस्थानकीमिट्टी #मरुधरगीत