У нас вы можете посмотреть бесплатно kalki avatar | कालचक्र की कार्यप्रणाली | महाकाल चक्र से क्या दिखता है ? | suryan saturn | asli kalki или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
कालचक्र अंतर्गत रुद्र-चक्र और महाकाल चक्र के संबंध की जानकारी। महाकाल चक्र और रुद्र चक्र की क्रियाप्रणाली के संबंध में इस वीडियो में बताया गया है। Telegram : https://t.me/suryansanatan Instagram : / suryansaturn Twitter : https://twitter.com/suryansaturn?t=xT... ________________________________________________ 👉 कल्कि अवतार वह विश्वात्मा है, जो बार-बार, लगातार इस धरती पर आती रहती है। 👉 कालचक्र से बँधी वह आत्मा सृष्टि के आरंभ से है, और विनाश के बाद भी रहेगी। 👉 परमात्मा का प्रेम देखिए, वह जीवन मरण के चक्र में फंसती है ताकि दूसरों को निकाल सके। 👉 सभी आत्माएँ उसी परमात्मा का अंश हैं। वह आता है बार बार ताकि बाकियों को ना आना पड़े। 👉 पुण्यात्माएँ दुबारा आना नहीं चाहतीं, किसी को फर्क नहीं पड़ता कि इस पृथ्वीलोक में क्या हो रहा है ! 👉 मात्र अवतार ही वह दुःख अपने हिस्से लेता है। 👉 दुःख इसलिए क्योंकि सब मिथ्या है, जानकर भी इसकी रक्षा करना बड़ा कठिन कार्य है। 👉 संसार के खेल में साधारण आत्मा फँसी रहती है, महान आत्मा मुक्ति का प्रयास करती है, पुण्यात्मा ऊर्ध्वलोकों का आनंद प्राप्त करती है, किंतु परमात्मा यहीं अपने खेल में लगी रहती है। बिल्कुल साधारण आत्मा की तरह। 👉 दरसल किसी में कोई भेद नहीं है। ना कोई साधारण है, ना कोई महान, ना कोई पुण्यात्मा और ना कोई पापात्मा। सभी परमात्मा हैं। किंतु उनकी परिस्थिति उन्हें वर्गीकृत करती है। 👉 परंतु यह भी उचित नहीं है। क्योंकि सब तो रचा जा चुका है। सब ईश्वर की ही इच्छा है। तुम्हारा पापी होना भी ईश्वर की इच्छा है। 👉 विकल्प उपलब्ध है, कर्म के रूप में। किंतु कर्म करता कौन है ? 👉 सभी कोई क्रियाएँ कर रहे हैं, कर्म करने का साहस कलियुग में किसी के अंदर नहीं है। 👉 कर्म ही विधि के विधान को तोड़ता है और जोड़ता है। 👉 हाँ, अवतार जन्म से जानते हैं कि वह अवतार हैं। परंतु क्या हो, यदि वो कर्म ना करें ? क्या काल-चक्र में व्यवधान नहीं आयेगा ? 👉 क्या हो, यदि कल्कि अवतार प्रलय के समय लापरवाह, बेफ़िक्र और तटस्थ रहे ? 👉 साधारण मानव जितना भी कोशिश करे, समय की गति में हलचल नहीं मचा सकता। 👉 मगर अवतार यदि चाहे, समय के साथ भी बदमाशी कर सकता है। 👉 ज्ञान का घमंड त्याग दो। जितने वेद, पुराण, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद, महाकाव्य आदि आज उपलब्ध हैं, सब मिथ्या हैं। हाँ, एक तरीके से गीता भी मिथ्या है। 👉 क्योंकि ये सभी आजकल अपनी बुद्धिमत्ता दिखाने का साधन बन गये हैं। इनसे किसी को भी वह ज्ञान प्राप्त नहीं हो रहा है, जो होना चाहिए। 👉 यदि इन ग्रंथों में कोई भी सार्वभौमिक सत्य है, तो मानव क्यों दुःख से पीड़ित है। 👉 गीता पढ़ने से भी आत्माओं को शांति नहीं मिल रही। रामायण पढ़कर तो लोग एक दूसरे का गला काट रहे हैं। 👉 तो इन पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान पर घमंड किसलिए ? कहीं ऐसा ना हो, अवतार भी घमंड में आ जाये और चुपचाप बैठ जाये। क्योंकि उसे वही पसंद है। चुपचाप बैठे रहना। 👉 अवतार इस मिथ्या संसार में, तुम्हारी वास्तविकता के लिए मल-मूत्र से युक्त देह का धारण करता है। किसलिए ? 👉 तुम्हारी क्षुद्र अहंकार को देखने के लिए ? नहीं ! दुःख देखने के लिए। 👉 तुम्हारी हर भावना के पीछे दुःख है। दूसरे का अहंकार देखकर तुम्हें क्रोध आता है, अवतार को दुःख होता है। 👉 तो भाई मेरे, अहंकार, लोभ, क्रोध, मोह, ईर्ष्या आदि भावनाओं पर काबू करो। यदि दुःख अति से अति हो गया तो कहीं धरती ही ना फट जाये ! 👉 कहीं से एक उल्कापिण्ड आ गिरेगा और सब खत्म। तुम्हारे सभी साधन धरे के धरे रह जाएँगे। 👉 परमाणु अस्त्र कुछ काम के नहीं, सिवाय इस ग्रह को तबाही की ओर धकेलने के। ऐसे अस्त्र सिर्फ इसी सभ्यता के पास नहीं हैं, और ना ही पहली बार तुमने बनाया है। 👉 खेल गहरा है। रोका जाता है, दिया जाता है, छीना जाता है, और फिर तबाह किया जाता है। 👉कलियुग के जिस कालखंड में हम हैं, धरती पर आत्माओं का बोझ कुछ अधिक बढ़ गया है। एक साथ सभी आत्माओं को मुक्ति देना या सबको इसी भौतिक संसार में सत्य और सुख देना ? 👉 अवतार दयालु है, तुम्हारी भौतिकतावादी मानसिकता से परिचित है। तुम यहीं पृथ्वी पर स्वर्ग चाहोगे। 👉 तो क्या सिर्फ चाहोगे ? कर्म कौन करेगा ? यदि अवतार को करना है, तो फिर तुम क्यों जीवित हो ? डूब मरो कहीं। हर हर महादेव _________________________________________ हमसे जुड़े हुये आप सभी लोगों को धन्यवाद। हर हर महादेव _________________________________ #kalkiavatar #kalki #kaalchakra