У нас вы можете посмотреть бесплатно मासिक धर्म छुट्टी पर सुप्रीम कोर्ट का बयान | अनिवार्य अवकाश से महिलाओं को नौकरी मिलने में दिक्कत или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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नमस्कार साथियों, आज की इस महत्वपूर्ण जानकारी में हम बात करेंगे मासिक धर्म (Periods) के दौरान महिलाओं को अनिवार्य छुट्टी देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बारे में। सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इंकार करते हुए कहा कि यदि मासिक धर्म अवकाश को कानून के तहत अनिवार्य बना दिया गया, तो कई नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से बच सकते हैं। इससे महिलाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं और समाज में लैंगिक रूढ़ियाँ भी मजबूत हो सकती हैं। अदालत ने यह भी कहा कि यह विषय नीति निर्माण से जुड़ा है, इसलिए केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरण इस पर विचार कर सकते हैं। वर्तमान में कुछ राज्यों और संस्थानों में महिलाओं को मासिक धर्म अवकाश की सुविधा दी जाती है, लेकिन पूरे देश में इसके लिए कोई एक समान कानून नहीं है। इस वीडियो में हम विस्तार से समझेंगे: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा याचिका में क्या मांग की गई थी अदालत ने सुनवाई से इंकार क्यों किया इससे महिलाओं के रोजगार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है ऐसी ही महत्वपूर्ण शैक्षिक और समसामयिक जानकारी के लिए Gyan Sthali Gurukul चैनल से जुड़े रहें।