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क्या बुद्ध ने मृत्यु भोज को सही माना था? Buddha’s Dhamma vs Mrityu Bhoj #buddha Death Feast in Buddhism | सच क्या है? Buddha’s Dhamma vs Mrityu Bhoj Was Death Feast Allowed in Buddhism? क्या बौद्ध धर्म में मृत्यु भोज करना सही है? यह सवाल आज भी समाज में भ्रम, परंपरा और आस्था के बीच उलझा हुआ है। इस वीडियो में हम भावनाओं या अंधविश्वास के आधार पर नहीं, बल्कि गौतम बुद्ध के धम्म, त्रिपिटक की शिक्षाओं और बौद्ध दर्शन के आधार पर यह समझने का प्रयास करते हैं कि मृत्यु भोज बौद्ध धर्म में जायज़ है या नहीं। बुद्ध ने आत्मा, कर्मकांड और दिखावे पर क्या कहा? क्या मृत्यु के बाद भोज कराने से मृत व्यक्ति को लाभ होता है? क्या दान और मृत्यु भोज एक ही चीज़ हैं? और आज के समय में यह परंपरा समाज के लिए सहायक है या बोझ? इस वीडियो में आपको मिलेगा— • बौद्ध धर्म का स्पष्ट दृष्टिकोण • मृत्यु भोज और कर्म सिद्धांत का संबंध • दान और करुणा का सही अर्थ • परंपरा और धम्म के बीच अंतर • बिना नफरत, बिना पक्षपात, केवल तथ्य यह वीडियो किसी धर्म या परंपरा के खिलाफ नहीं है, बल्कि सोचने और समझने का आमंत्रण है—जैसा कि बुद्ध स्वयं सिखाते थे। यदि आप बुद्ध के धम्म, सामाजिक सच्चाइयों और अंधविश्वास से जुड़े विषयों में रुचि रखते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए है। वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Channel Subscribe ज़रूर करें, ताकि ऐसे ही विचारशील और जागरूकता वाले वीडियो आप तक पहुँचते रहें। #बौद्धधर्म #मृत्यु_भोज #गौतमबुद्ध #BuddhaDhamma #अंधविश्वास #धर्मऔरसमाज #BuddhismInHindi #MrityuBhoj #TruthOfReligion #IndianSociety