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Rudrabhishek: भगवान शिव का रुद्राभिषेक कैसे किया जाता है? यह कितने प्रकार का होता है, जानें इसके नियम और मंत्र : रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रुद्राभिषेक कराने से घर से सारे गृह-क्लेश, दुख, दरिद्रता दूर हो जाती है। सावन में रुद्राभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। Rudrabhishek: भगवान शिव का रुद्राभिषेक कैसे किया जाता है? यह कितने प्रकार का होता है, जानें इसके नियम और मंत्र Rudrabhishek: भगवान शिव का रुद्राभिषेक कैसे किया जाता है? यह कितने प्रकार का होता है, जानें इसके नियम और मंत्र Sawan 2024 Rudrabhishek: रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रुद्राभिषेक कराने से घर से सारे गृह-क्लेश, दुख, दरिद्रता दूर हो जाती है। सावन में रुद्राभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। Rudrabhishek Significance: रुद्राभिषेक का सीधा संबंध भगवान शिव से है, उन्हें रुद्र अवतार भी माना जाता है। रुद्राभिषेक का अर्थ है रुद्र का अभिषेक यानि भगवान शिव का अभिषेक। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार मनुष्य द्वारा किए गए पाप ही उसके दुखों का कारण बनते हैं। मान्यता है कि अगर व्यक्ति की कुंडली में मौजूद पापों से मुक्ति पाने के लिए रुद्राभिषेक किया जाए तो इससे विशेष लाभ मिलता है। इसके साथ ही इस क्रिया के जरिए व्यक्ति अपने निजी जीवन से जुड़े दुखों से भी आसानी से मुक्ति पा सकता है। भोलेनाथ को बहुत दयालु माना जाता है। अपने भक्तों की भक्ति को देखकर वे जल्द ही उन पर कृपा करते हैं और उनके सभी दुखों को दूर करते हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको रुद्राभिषेक से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए ज्योतिषाचार्य चिराग दारूवाला से जानते हैं रुद्राभिषेक का महत्व और इसके लाभ के बारे में। रुद्राभिषेक के प्रकार रुद्राभिषेक मुख्यतः 6 प्रकार से किया जाता है। जल अभिषेक, शहद अभिषेक, दही अभिषेक, दूध अभिषेक, पंचामृत अभिषेक, घी अभिषेक। Rudrabhishek: भगवान शिव का रुद्राभिषेक कैसे किया जाता है? यह कितने प्रकार का होता है, जानें इसके नियम और मंत्र Rudrabhishek: भगवान शिव का रुद्राभिषेक कैसे किया जाता है? यह कितने प्रकार का होता है, जानें इसके नियम और मंत्र Sawan 2024 Rudrabhishek: रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रुद्राभिषेक कराने से घर से सारे गृह-क्लेश, दुख, दरिद्रता दूर हो जाती है। सावन में रुद्राभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। Rudrabhishek Significance: रुद्राभिषेक का सीधा संबंध भगवान शिव से है, उन्हें रुद्र अवतार भी माना जाता है। रुद्राभिषेक का अर्थ है रुद्र का अभिषेक यानि भगवान शिव का अभिषेक। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार मनुष्य द्वारा किए गए पाप ही उसके दुखों का कारण बनते हैं। मान्यता है कि अगर व्यक्ति की कुंडली में मौजूद पापों से मुक्ति पाने के लिए रुद्राभिषेक किया जाए तो इससे विशेष लाभ मिलता है। इसके साथ ही इस क्रिया के जरिए व्यक्ति अपने निजी जीवन से जुड़े दुखों से भी आसानी से मुक्ति पा सकता है। भोलेनाथ को बहुत दयालु माना जाता है। अपने भक्तों की भक्ति को देखकर वे जल्द ही उन पर कृपा करते हैं और उनके सभी दुखों को दूर करते हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको रुद्राभिषेक से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए ज्योतिषाचार्य चिराग दारूवाला से जानते हैं रुद्राभिषेक का महत्व और इसके लाभ के बारे में। रुद्राभिषेक के प्रकार रुद्राभिषेक मुख्यतः 6 प्रकार से किया जाता है। जल अभिषेक, शहद अभिषेक, दही अभिषेक, दूध अभिषेक, पंचामृत अभिषेक, घी अभिषेक। रुद्राभिषेक विधि रुद्राभिषेक किसी भी सोमवार को किया जा सकता है लेकिन सावन सोमवार के दिन करना अति उत्तम माना जाता है। रुद्राभिषेक करने के लिए सबसे पहले पूजा घर या उस स्थान को साफ-सुथरा और गंगाजल छिड़कर शुद्ध कर लें जहां शिवलिंग स्थापित करना है। इसके बाद अब शिवलिंग को उत्तर दिशा में रखें और आपका मुख पूर्व की ओर होना चाहिए। श्रृंगी में सबसे पहले गंगाजल डालें और अभिषेक शुरू करें। फिर इसी से गन्ने का रस, शहद, दही, दूध, जल, पंचामृत आदि जितने तरल पदार्थ हैं, इससे शिवलिंग का अभिषेक करें। रुद्राभिषेक के दौरान महामृत्युंजय मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥' का जाप करते रहें। महामृत्युंजय मंत्र के अलावा शिव तांडव स्तोत्र, ओम नम: शिवाय या रुद्रामंत्र का जाप भी कर सकते हैं। शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने के बाद शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं और बेलपत्र, सुपारी, पान, भोग और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें। शिवलिंग के पास धूप-दीप जलाएं। महादे के मंत्र का 108 बार जाप करें और पूरे परिवार समेत शिव जी की आरती करें। रुद्राभिषेक के जल को किसी पात्र में रखकर पूरे घर में छिड़क दें। फिर इसी जल को प्रसाद के रूप में सभी ग्रहण करें। रुद्राभिषेक का महत्व जब कोई व्यक्ति किसी विशेष परिस्थिति या समस्या से ग्रसित होता है तो ऐसी स्थिति में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से उन समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा की यह विधि बहुत ही प्रभावशाली और फलदायी मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि रुद्राभिषेक के माध्यम से व्यक्ति अपने पिछले जन्म के पापों से भी मुक्ति पा सकता है। व्यक्ति जिस कामना के लिए रुद्राभिषेक कर रहा है, उससे संबंधित द्रव्यों से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए।