У нас вы можете посмотреть бесплатно बनड़ा- रंगीली डोलियाँ | Rangeeli Doliyan | Banda | Vivah Song | Upreti Sisters или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
बनड़ा-- रंगीली डोलियाँ चाँद तारों से सज रही हैं रंगीली डोलियाँ | Rangeeli Doliyan | Banda | Vivah Song | Upreti Sisters बनड़ा - विवाह गीत | जनकपुर प्यारो लागे जहाँ सिया जी को ब्याहन आये राम | UPRETI SISTERS सनातन के वैदिक संस्कारों के अंतर्गत भारतीय संस्कृति में कुल सोलह संस्कारों का उल्लेख है। हर संस्कार की अपनी धार्मिक महत्ता है। शुभ संस्कारों में विवाह संस्कार के अंतर्गत भारत के प्रत्येक प्रांत, समुदाय व् जातियों में अपनी बोली भाषा और रीति रिवाजों के आधार पर बहुत सारे विवाह गीत प्रचलित हैं। उत्तराखंड में भी अपने रीती रिवाजों के अनुसार विवाह संस्कार के अंतर्गत वर व् वधु पक्ष में मंगलाचार, सामूहिक विवाह गीत, संस्कार गीत, शकुनाखर, मांगल व् बनड़े (बन्ना-बन्नी के गीत) गाये जाते हैं। ये गीत विवाह की हर शुभ धड़ी के अनुसार अलग अलग होते हैं। अपने गीतों के माध्यम से आज उल्लेख करते हैं विवाह गीत- बनड़ो का- देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर विवाह संस्कार की महत्ता भी देव तुल्य है। कहीं वर वधु को राम सीता का रूप माना जाता है, कहीं शिव पार्वती का और कहीं नारायण और लक्ष्मी का। बनड़ो में भी वर वधु को इन्हीं नामों के समकक्ष मानकर गीत गाये जाते हैं। विवाह की हर रीत के अनुसार हर एक बनड़ा गाया जाता है, वो चाहे बारात आने का हो या बारात जाने का, हल्दी का, स्वांल पथाई( उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र की एक विशिष्ठ प्रथा जो नामकरण, यज्ञोपवीत, चूड़ाकर्म, विवाह व् अन्य शुभ संस्कारों के समय की जाती है) का, कन्यादान, विदाई व् प्रत्येक कर्म के अनुसार हर बनड़ा अलग अलग होता है। जहाँ एक ओर बनड़े गाकर वर वधु को आशीर्वाद दिया जाता है वहीँ कुछ बनड़े ऐसे भी होते हैं जिनमें वर पक्ष को, बारातियों को चिढ़ाया जाता है, उनके लिए हँसी ठिठोली के गीत गाये जाते हैं। लेकिन इस चिढ़ाने में भी अपार स्नेह व् अपनत्व का भाव होता है। ढोलक की थाप के साथ जब महिलायें/ सखियाँ विवाह के शुभ अवसर पर इन मंगल बनड़ों को गाती हैं तो मानो ऐसा प्रतीत होता जैसे देववाणी का आशीष मिल रहा हो वर-वधु को। विवाह का हर शुभ काज महिलाओं/सखियों के इन बनड़ों के बिना सम्पूर्ण नहीं हो सकता है। विवाह के इन शुभ गीतों की गूँज सदा गूँजती रहें। यही तो हैं हमारी अनमोल परम्परायें, जहाँ शुभ संस्कारित कार्यों में सभी एकत्रित होते हैं और मिलजुल कर देव आशीर्वाद के साथ हँसतें गाते अपने जीवन के अनमोल लम्हों को सदा सदा के लिए महकाते हैं। आज इन्हीं बनड़ो- बन्ना बन्नी के गीतों को हम गा रहे हैं और हमारा हमेशा यही प्रयास रहता है की हमारी संस्कृति में रची बसी प्रथाएं सदा संरक्षित रहें। प्रत्येक परिवार अपने घर में होने वाले हर हर विवाह संस्कार में उन वेद मन्त्रों का आह्वाहन अवश्य करवाये जो समस्त परिवार के लिए आशीर्वाद रूपी अमृत वर्षा करते हैं। उन संस्कार गीतों को, मंगल ध्वनियों को, वर वधु को आशीर्वाद देने वाले गीतों को अवश्य अपने विवाह संस्कार का हिस्सा बनायें। अपनी परम्पराओं को सहेजे, क्योँकि ऐसी परम्पराओं से सजे हुवे विवाह में देवी देवता भी अपना आशीर्वाद देने आते हैं। मंगल कार्यों में मंगल ध्वनियों गूंजेंगी तो वर वधु के जीवन में भी सदा मंगल ही होगा। शायद यही तो हैं हमारी विराट परम्पराएँ, जिनका अनमोल हिस्सा हम भी हैं और हमारा ये कर्तव्य है की हम सदा अपने कार्यों से अपनी संस्कृति के बीजों को सँजोतें रहें, इसकी अनमोल थात को चहुँ ओर महकाते रहें। #uttarakhand #upretisisters #jyotiupretisati #neerjaupreti #singer #merriagesong #kumaunimhilasangeet #kumonimhilasangeet #culture #love #banade #vivahgeet #folksong