У нас вы можете посмотреть бесплатно जय जय जय हनुमान गोसाईं или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में हनुमान जी का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें 'संकटमोचन' कहा जाता है, जिसका अर्थ है दुखों को दूर करने वाला। हनुमान जी के महत्व को हम निम्नलिखित बिंदुओं से समझ सकते हैं: 1. भक्ति और समर्पण के आदर्श हनुमान जी को भगवान राम के सबसे बड़े भक्त के रूप में जाना जाता है। उनका पूरा जीवन "सेवा भाव" का प्रतीक है। वे सिखाते हैं कि बिना किसी अहंकार के अपने आराध्य या अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होना ही सच्ची भक्ति है। 2. अपार शक्ति और बुद्धि का संगम हनुमान जी के पास अद्भुत शारीरिक बल है, लेकिन वे 'बुद्धिमतां वरिष्ठम्' (बुद्धिमानों में श्रेष्ठ) भी हैं। वे हमें सिखाते हैं कि केवल शक्ति होना पर्याप्त नहीं है, उस शक्ति का सही समय पर बुद्धि के साथ उपयोग करना ही व्यक्ति को महान बनाता है। 3. साहस और आत्मविश्वास के प्रतीक जब रावण की लंका जाने के लिए समुद्र लांघने की बात आई, तो हनुमान जी ने अपनी शक्तियों को याद कर वह असंभव कार्य कर दिखाया। वे युवाओं के लिए प्रेरणा हैं कि आत्म-विश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। 4. कलयुग के जाग्रत देवता धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को 'अष्ट सिद्धि और नवनिधि' के दाता के साथ-साथ अमरत्व (चिरंजीवी) का वरदान प्राप्त है। माना जाता है कि वे कलयुग में भी पृथ्वी पर मौजूद हैं और अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं। 5. रक्षक और आरोग्य प्रदाता हनुमान चालीसा की पंक्तियाँ—"नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा"—बताती हैं कि वे मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति दिलाते हैं। भय और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए उनकी पूजा सर्वोपरि मानी जाती है। हनुमान जी के गुण जो हमें अपनाने चाहिए: • विनम्रता: इतनी शक्ति होने के बावजूद वे हमेशा श्रीराम के चरणों में झुके रहे। • चतुराई: लंका में सुरसा और अन्य राक्षसों से निपटते समय उन्होंने अपनी चतुराई का परिचय दिया। • ब्रह्मचर्य और अनुशासन: वे संयमित जीवन और आत्म-नियंत्रण के प्रतीक हैं।