У нас вы можете посмотреть бесплатно शूर्पणखा द्वारा रावण को सीता हरण के लिये उकसाना।मारीच का स्वर्ण मृग रूप धारण करना | Ramayan Katha или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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अपनी कटी नाक लेकर शूर्पणखा रावण की राजसभा में जाकर दुहाई देती है। उसकी दशा देखकर रावण क्रोधित होता है। वो शूर्पणखा से राम और लक्ष्मण के बारे में सुनता है लेकिन जब रावण को खर दूषण के मारे जाने का पता चलता है तो उसे इसके पीछे देवताओं के षड्यन्त्र का सन्देह होता है। शूर्पणखा रावण को भड़काते के लिये झूठ कहती है कि राम और लक्ष्मण के साथ एक अनुपम सुन्दर स्त्री सीता है और वो भाई रावण के लिये उस स्त्री को उठाने गयी थी तब उन दोनों भाईयों ने उसकी यह दशा की और रावण को चुनौती दी कि यदि उसमें साहस है तो वो स्वयं आकर सीता को ले जाए। सेनापति अकम्पन लंकापति को राम और लक्ष्मण के राजकुल और उनकी वीरता के बारे में बताता है। विभीषण भी राम द्वारा अपने राज्य की रक्षा हेतु असुरों के वध को नीतिसंगत बताते हैं। रावण को विभीषण की बातें अच्छी नहीं लगती। वह राम पर आक्रमण करने को उद्धत होता है। सेनापति अकम्पन रावण को परामर्श देता है कि पहले छलबल से सीता का हरण कर लिया जाये। इससे राम का मनोबल टूट जायेगा और तब आसानी से राम लक्ष्मण को मारा जा सकता है। विभीषण एक बार पुनः परस्त्रीहरण को धर्म विरूद्ध बताते हैं लेकिन रावण कहता है कि धर्म अधर्म का विचार शक्तिहीन करते हैं। महल में रानी मन्दोदरी भी रावण को समझाती है कि राजा की गलती का परिणाम समस्त प्रजा को भोगना पड़ता है। लेकिन शूर्पणखा फिर से सीता की सुन्दरता का बखान कर रावण का मन उनपर आसक्त कर देती है। रावण विमान से मामा मारीच के पास जाता है। मारीच राम के बाण से घायल होने के बाद से सन्यासी बन चुका होता है। रावण उससे मायावी विद्याओं की सहायता माँगता है। मारीच उसे राम की शक्ति के बारे में बताता है। तब रावण चेतावनी देता है कि मारीच उसकी प्रार्थना को राजाज्ञा मानकर पूरी करे अथवा परिणाम भोगने के लिये तैयार हो जाय। मारीच मान जाता है। रावण मारीच को स्वर्ण मृग का रूप धारण कर राम व लक्ष्मण को अपने पीछे भगाने की योजना देता है। मारीच एक बार फिर रावण को समझाता है कि राम से वैर मोल लेकर वो अपने कुल का नाश कर लेगा। अंहकार में डूबा रावण मारीच को दो विकल्प देता है। मारीच अभी इसी क्षण उसके हाथ मरना स्वीकार करे अथवा उसकी आज्ञा का पालन करे। मारीच समझ जाता है कि आज उसकी मौत निश्चित है। वो रावण की बजाय प्रभु राम के हाथों मरना पसन्द करता है और रावण की आज्ञानुसार स्वर्ण मृग का रूप रखकर पर्णकुटी के पास भ्रमण करने लगता है। सीता उसे देखकर मोहित होती हैं और राम लक्ष्मण को बुला लाती हैं। सीता राम से मृग को पकड़ लाने के लिये कहती हैं। लक्ष्मण मृग के अलौकिक रूप से सशंकित होते हैं लेकिन राम कहते हैं कि यदि ये कोई राक्षसी माया है तो उसका अन्त होना भी आवश्यक है। राम लक्ष्मण को सीता की सुरक्षा हेतु कुटिया में रहने को कहते हैं और मृग के पीछे जाते हैं। भारत की अमर कहानियाँ में आपको मिलती हैं ऐसी कथाएँ जो न केवल अनोखी हैं, बल्कि हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर भी हैं। ये कहानियाँ शाश्वत हैं क्योंकि ये हमारे मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव छोड़ती हैं। #vikrambetal #rajavikramaditya #ramayanstories #shreekrishnaleela #krishnakatha #gangaavataran #mahalakshmikatha #hindumytho #bhaktibhavna #naitikkahani #devikatha #dharmaauradharma #mythostory #epiclegends #ramkatha #krishnabhakti #lokkatha #bharatkikahaniyan #bhaktistories #hindistoryshorts