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Watch the Video Song "काल भैरव अष्टक " : • काल भैरव अष्टक। Kaal Bhairav Ashtakam। Adi... भक्त को भगवान से और जिज्ञासु को ज्ञान से जोड़ने वाला एक अनोखा अनुभव। तिलक प्रस्तुत करते हैं दिव्य भूमि भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों के अलौकिक दर्शन। दिव्य स्थलों की तीर्थ यात्रा और संपूर्ण भागवत दर्शन का आनंद। दर्शन दो भगवान! Watch the video song of ''Darshan Do Bhagwaan'' here - • दर्शन दो भगवान | Darshan Do Bhagwaan | Sur... संसार में यदि मनुष्य को कर्म के साथ धर्म के सही सामंजस्य को समझना हो तो इसके लिए श्रीमद् भगवत गीता से बड़ा ग्रंथ नहीं हो सकता। यह ग्रंथ दिव्य है इसीलिए विश्व में सनातन धर्म के अलावा अन्य धर्मों को मानने वाले मनुष्य भी श्री मद् भगवत गीता और श्री कृष्ण के अनुयायी है। सनातन धर्म में श्री भगवान कृष्ण को सोलह कलाओं से पूर्ण अवतार माना गया है। मानव जीवन से जुड़े सभी प्रश्नो का उत्तर आपको श्रीकृष्ण के जीवन से मिल सकता है। श्री भगवत् गीता कृष्ण और अर्जुन का संवाद व उपदेशों का संकलन है। इन उपदेशों को आप अपने जीवन में समाहित कर परमात्मा से जुड़ सकते है। “तिलक” अपने संकलन “दिव्य कथाएं” के इस चरण में श्री कृष्ण से जुड़े प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत करेगा। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिये और तिलक से जुड़े रहिये। कंस एक-एक कर के देवकी व वसुदेव की छह संतानों को उनके जन्म लेते ही मार देता है। शेषनाग जी प्रार्थना करते हुए भगवान श्री कृष्ण के पास गोलोक जाकर उनसे विनती करते है कि जब उन्होंने श्री राम के रूप में पृथ्वी में अवतार लिया था और तब उन्हें छोटे भाई लक्ष्मण के रूप में जन्म लेना पड़ा था। तब वह मर्यादावश श्री राम को कई कार्यों को करने से रोक न सके थे। शेषनाग भगवान श्री कृष्ण से इस जन्म में उनका बड़ा भाई बन कर उनकी सेवा का करने के लिए देवकी के सातवें गर्भ में जाने की आज्ञा मांगते है। जिसे भगवान श्री कृष्ण स्वीकार कर लेते है और उनके आशीर्वाद से शेषनाग जी देवकी के गर्भ में प्रवेश कर जाते है। जिससे देवकी के गर्भ से एक विशेष प्रकार का प्रकाश पुंज निकलने लगता है, जिसे देख देवकी व वसुदेव को गर्भ में किसी दिव्य बालक होने आभास होता है। उस प्रकाश पुंज से कारागार को अलौकिक देख सैनिक कंस को सूचना देने चले जाते है। वही देवकी व वसुदेव इस दिव्य बालक को भी कंस द्वारा निर्दयता से मार देने की बात सोच कर व्यथित हो जाते है। लेकिन भगवान श्री कृष्ण जानते है कि इस बालक को मार डालना कंस के वश में नहीं है। #tilak #shreekrishna #divyakathayen #kathayen"