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26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस (Samvidhan Divas) मनाया जाता है, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में बनी संविधान सभा द्वारा 1949 में संविधान अपनाने की याद दिलाता है। अंबेडकर ने न केवल संविधान का निर्माण किया बल्कि महिलाओं के लिए समान अधिकार, शिक्षा, संपत्ति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की नींव रखी। --- 📅 26 नवंबर – संविधान दिवस महत्व: 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अपनाया। प्रभावी तिथि: संविधान 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। उद्देश्य: नागरिकों को संविधान के मूल्यों – न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता – की याद दिलाना। उत्सव: स्कूलों, कॉलेजों और संसद में विशेष कार्यक्रम, Run for Equality, संविधान की प्रस्तावना का वाचन। --- 👤 डॉ. भीमराव अंबेडकर – संविधान निर्माता संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष संविधान में समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय को आधार बनाया जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त करने का प्रावधान किया --- 🌸 महिलाओं के लिए अंबेडकर के योगदान 1. संविधान में अधिकार अनुच्छेद 14 – कानून के सामने समानता अनुच्छेद 15 – लिंग आधारित भेदभाव निषिद्ध अनुच्छेद 16 – रोज़गार में समान अवसर अनुच्छेद 21 – जीवन और गरिमा का अधिकार 2. हिंदू कोड बिल महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने का प्रयास विवाह में समानता और तलाक का अधिकार विधवा पुनर्विवाह और अंतर्जातीय विवाह को वैध बनाने की कोशिश 3. शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता महिलाओं की शिक्षा को समाज सुधार का आधार माना कहा कि “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” – यह महिलाओं के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण था 4. राजनीतिक प्रतिनिधित्व पंचायत राज में महिलाओं के लिए आरक्षण का विचार महिलाओं को राजनीतिक जीवन में भागीदारी दिलाने की वकालत --- 📊 सारणी: अंबेडकर और महिलाओं के अधिकार | क्षेत्र | योगदान | |--------------------|---------| | संविधान | समानता, भेदभाव निषेध, रोज़गार में अवसर | | विवाह व परिवार | तलाक का अधिकार, पुनर्विवाह की वैधता | | संपत्ति अधिकार | हिंदू कोड बिल से संपत्ति में हिस्सा | | शिक्षा | महिलाओं की शिक्षा पर ज़ोर | | राजनीति | प्रतिनिधित्व और आरक्षण का विचार | --- 🌟 महत्व और प्रभाव आज भारतीय महिलाएं जो कानूनी समानता और संपत्ति अधिकार का आनंद लेती हैं, उसकी नींव अंबेडकर ने रखी। उन्होंने महिलाओं को केवल “घर तक सीमित” मानने की सोच को चुनौती दी। संविधान दिवस पर अंबेडकर को याद करना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि उन्होंने महिलाओं और वंचित वर्गों को समान नागरिक अधिकार दिलाए।