У нас вы можете посмотреть бесплатно चमत्कारी श्री पाट बाबा मंदिर | हनुमान मंदिर | जय श्री राम | जबलपुर मध्य प्रदेश | 4K | दर्शन 🙏 или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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जय श्री राम !!! जय हनुमान !!! इस जयघोष के साथ आप समझ ही गए होंगे की इस बार अपने इस कार्यक्रम के माध्यम से हम आपको किस देवता के दिव्य मंदिर के दर्शन करवाने जा रहे हैं. जी हाँ भक्तों, वायु के सामान गति वाले पवन पुत्र, अपने प्रभु के प्रति अपनी असीम भक्ति में सदैव लीन, अजर अमर का वरदान प्राप्त, बल बुद्धि देने वाले तथा अपने भक्तों के सभी कष्टों को हरने वाले मारुतिनंदन हनुमान जी महाराज, जिनके देश में अनगिनत मंदिर हैं. और उन्ही में से एक मंदिर है जहाँ के स्थान के बारे में स्वयं हनुमान जी ने निर्देशित किया. और जहाँ हनुमान जी के विराजते ही वहां के सभी बिगड़ते काम पल भर में बनने लगे. आप सभी भक्तों का तिलक परिवार की ओर से हार्दिक अभिनन्दन. तो आइये आज दर्शन करते हैं जबलपुर स्थित सिद्धपीठ “श्री पाट बाबा मंदिर"""" के. मंदिर के बारे में: चारों ओर से सुंदर पहाड़ियों, हरे भरे जंगलों तथा शान्ति से घिरे हुए श्री पाट बाबा का मंदिर जबलपुर में सतपुला बाज़ार के आगे गन कैरेज फैक्ट्री के समीप स्थित है. यह मंदिर मारुती नंदन हनुमान जी महाराज को समर्पित है. जो वर्षों से लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है.यह मंदिर मिलेट्री क्षेत्र के अंतर्गत आता है. मंदिर में मिलने वाली आध्यात्मिक अनुभूति के साथ ही यहाँ के प्राक्रतिक सौन्दर्य के कारण भी यहाँ रोज़ श्रधालुओं की अच्छी खासी भीड़ बनी रहती है. मंदिर परिसर के पास ही स्थित दुकानों से पूजा सामग्री लेकर श्रद्धालु मंदिर के प्रवेश द्वार की ओर बढ़ते हैं. मंदिर का इतिहास: भक्तों, श्री पाट बाबा मंदिर अपने आप में जितना सुंदर और मनोरम है उतनी ही अदभुद एवं अलौकिक श्री पाट बाबा की मूर्ति के प्राकट्य का इतिहास भी है। कहा जाता है जब भारत पर अंग्रेजों का शासन था एवं उनके द्वारा यहां स्थित जी.सी.एफ फैक्ट्री का निर्माण शुरू किया गया था. उस समय कुछ रहस्यमई तरीकों से इसके निर्माण कार्यों में बाधा आने लगी थी। मजदूरों द्वारा किए जाने वाले सभी निर्माण कार्य अचानक ही अज्ञात कारणों से स्वतः ही नष्ट हो जाते थे। जिसके कारणवश फैक्ट्री के निर्माण अधिकारी कर्नल स्टैनली स्मिथ के लाख प्रयासों के बाद भी उन्हें इस समस्या से निकलने का कोई मार्ग नज़र नहीं आ रहा था. तब एक रात कर्नल स्टैनली को स्वप्न में हनुमान जी महाराज पाट बाबा ने दर्शन देकर उन्हें आदेश दिया के मेरा स्थान निर्माणी क्षेत्र में आ रहा है, पहले मेरी स्थापना खुले क्षेत्र में सबके दर्शनार्थ की जाए, तभी निर्माणी का स्थापना कार्य सफल हो सकेगा। कर्नल स्टैनली ने इस स्वप्न के बारे में दूसरे दिन सभी को बताया और उस समय के वहां स्थित कुछ श्रेष्ट पंडितों द्वारा बताये गए उचित स्थान की खुदाई करवाई गयी. और इस तरह से गन कैरिज फैक्ट्री के स्थान से 12 अगस्त 1903 को सावन माह की शुक्ल पक्ष को दस फीट गहरे गड्ढे में से लाल कपड़े में लपेटकर श्री पाट बाबा जी की मूर्ति को बाहर निकाला गया। तत्पश्चात हस्त नक्षत्र नागपंचमी के दिन पहाड़ी क्षेत्र में घनी वादियों के बीच संपूर्ण विधि विधान से श्री पाट बाबा की प्रतिमा को प्रतिष्ठित करवाया गया और तबसे फैक्ट्री के विभिन्न विभागों एवं आम जनता द्वारा यहां झंडा चढ़ाने की प्रथा आरम्भ हुई, जो भक्तों द्वारा आज तक पूरी की जा रही है। लोगों की मान्यता है कि पाट बाबा के दर्शन मात्र से ही भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। मंदिर परिसर: मंदिर के प्रवेश द्वार के सामीप ही दीवार पर हनुमान जी का एक बहुत ही सुंदर चित्र बनाया गया है जिसमे बजरंगबली भगवान् इस स्थान पर आशीर्वाद बरसाते दर्शाए गए हैं. मंदिर के भव्य सुंदर प्रवेश द्वार से अंदर प्रवेश करते ही श्रधालुओं को एक विशेष दिव्य उर्जा का अनुभव होता है. पाट पाबा मंदिर परिसर बहुत ही विशाल एवं स्वच्छ है. मुख्य मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते के दोनों ओर लाल रंग के ध्वज लगे हुए हैं. चारों ओर फैली हरियाली एवं इतने सुंदर शांत वातावरण के दृश्य से यहाँ आने वाले हर व्यक्ति का मन प्रफुल्लित हो उठता है. यहाँ मंदिर परिसर में बगीचा भी है जहाँ बच्चो के मनोरंजन के लिए कुछ झूले लगे हुए हैं. एवं श्रद्धालुओं के बैठने के लिए उचित व्यवस्था की गयी है. परिसर में एक विशाल यग्य शाळा भी है जहाँ समय समय पर हवन पूजन के आयोजन होते रहते हैं. मंदिर के पीछे जंगल एवं हरे भरे पेंड़ होने के कारण यहाँ आपको मोर, हिरन आदि पशु पक्षी देखने के लिए मिल जाते हैं. मंदिर का गर्भग्रह: मंदिर के सुंदर परिसर से होते हुए श्रद्धालु मुख्य मंदिर में प्रवेश करते हैं जहाँ सामने गर्भग्रह में विराजित श्री पाट बाबा के स्वयंभू प्राचीन विग्रह के दर्शन कर भक्तजन उनको नतमस्तक हो जाते हैं. अपने साथ लाइ पूजा सामग्री भगवान् को अर्पित कर उनकी कृपा पाने तथा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ती की कामना करते हैं. अन्य दर्शनीय स्थल भक्तों, आप इस मंदिर के साथ ही यहाँ स्थित माता त्रिपुर सुन्दरी मंदिर, कचनार सिटी शिव मंदिर, चौसठ योगिनी मंदिर, शारदा देवी मंदिर, गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, पिसंहरी जैन मंदिर, हनुमान ताल जैन मंदिर, श्री सुप्तेश्वर गणेश मंदिर, शारदा मंदिर बरेला, गुरुद्वारा साहब ग्वारीघाट, मदन महल किला, तिलवारा घाट, धुँआधार जल प्रपात, ग्वारीघाट, रानी दुर्गावती म्युसियम आदि स्थानों की भी यात्रा कर सकते हैं. श्रेय: लेखक - याचना अवस्थी Disclaimer: यहाँ मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहाँ यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. Hashtags: #devotional #hinduism #paatbabamandir #jaishriram #madhyapradesh #tilak #travel #vlogs