У нас вы можете посмотреть бесплатно क्या सच में अम्बेडकर जी साधु संतों का सम्मान नहीं करते? | मेरी कहानी, मेरी जुबानी | Chapter - 1 или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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इस वीडियो में हम बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन और विचारों के एक महत्वपूर्ण तथा अक्सर गलत समझे जाने वाले विषय पर चर्चा करते हैं — साधु-संतों और धार्मिक आकृतियों के प्रति उनका दृष्टिकोण। यह वीडियो हमारी श्रृंखला “बाबासाहेब को समझिए – Lesson by Lesson” का पहला अध्याय है, जो “मेरी कहानी, मेरी जुबानी” के विचारों और ऐतिहासिक संदर्भों से प्रेरित है। क्या डॉ. अम्बेडकर साधु-संतों का सम्मान नहीं करते थे? क्या उनकी आलोचना धर्म के विरुद्ध थी, या सामाजिक अन्याय के विरुद्ध एक तर्कसंगत आवाज़? इस एपिसोड में हम तथ्यों, उनके लेखन, भाषणों और सामाजिक दर्शन के आधार पर समझने का प्रयास करेंगे: ✔ अम्बेडकर जी का धर्म और धार्मिक नेतृत्व पर दृष्टिकोण ✔ साधु-संत परंपरा की उनकी तर्कसंगत आलोचना ✔ सामाजिक न्याय, समानता और सुधार से जुड़ा उनका विचार ✔ आज के भारत में उनके विचारों की प्रासंगिकता यदि आप डॉ. B. R. Ambedkar, भारतीय समाज, धर्म, और सामाजिक न्याय के विषयों में रुचि रखते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूरी वीडियो देखें, अपने विचार कमेंट में साझा करें, और ऐसी ही गहराई वाली चर्चाओं के लिए चैनल को subscribe करना न भूलें। Keywords / Hashtags (SEO Boost): #BabasahebAmbedkar #DrBRAmbedkar #AmbedkarThoughts #IndianHistory #SocialJustice #AmbedkarJayanti #ReligionAndSociety #IndianSociety #EducationalVideo #TheVikasShow