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NOHA | Mar Kar Rukh Par Tamache Bola Shimre Be Haya, Aye Sakina Ab Bulao Apne Ammu Jaan Ko Anjuman Sipahe Hussaini Bhanauli Sadat Bibi Sakina Noha 2025 | Aye Sakina Ab Bulao Apne Ammu Jaan ko Anjuman Sipahe Hussaini Bhanauli Sadat Nohay 2025 | Sham E Ghariban Noha 2025 | Muharram Nohay 2025 | Mola Abbas Noha 2025 lyrics: मार कर रुख पर तमाचे बोला शिम्र बे-हया ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को चाहते हैं वो तुम्हें कितना मैं देखूं तो ज़रा ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को बाल बच्ची के पकड़कर खींच कर दोनों ग़ोहर बद-नसब कहने लगा रुख पर तमाचे मारकर क्यों नहीं कुछ बोलती, सर क्यों तुम्हारा है झुका ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को दोनों हाथों से तमांचे मारता था बे-रहम कर रहा था बे-झिझक बे-कस यतीम पर सितम हर तमांचे पर ये कहता था चाचा को दो सदा ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को नाज़ था तुमको बहुत जिसपर उसे आवाज़ दो जाओ दरिया की तरफ जाकर उसे आवाज़ दो अपने दिल का दर्द बतलाओ उसे जाकर ज़रा ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को मारता हूँ मैं तुम्हें, कोई बचाता क्यों नहीं जान जो तुम पर लुटाता था वो आता क्यों नहीं हो गया क्या अब तुम्हारा चाहने वाला ख़फ़ा ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को मैं तुम्हें मारूँगा, दुर्रे और तमांचे तब तलक तुम तड़प कर पढ़ नहीं दोगी ये नौहा जब तलक मैं बहुत मुश्किल में हूँ, इमदाद को आओ चचा ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को था क़यामत-ख़ेज़, दर्द-अंगेज़ वो मंज़र अजीब लाया बच्ची को लईं अब्बास के सर के क़रीब कसके फिर रस्सी गले की बेरहम कहने लगा ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को उस घड़ी सर पीट कर रोये बहुत अहले हरम जब कहा ज़ालिम ने दिखला कर के ग़ाज़ी का अलम ये अलम तो है, कहाँ है अब अलमदार-ए-वफ़ा ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को रो रही थी दुख्तर-ए-शब्बीर (वाइज़) ज़ार ज़ार ऐ अली थे दर्द से अहले हरम सब बेक़रार कर्बला से शाम तक शिम्र लईं कहता गया ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को ऐ सकीना अब बुलाओ अपने अम्मू जान को तमाम शुद #azadaribhanauli #newnoha #noha2025 #anjumansipahehussainibhanaulisadat #muharram #azadari | New Nohay 2025 | 10 Muharram Noha 2025 | New Noha Bibi Sakina 2025 | New Noha 2025