У нас вы можете посмотреть бесплатно तीसरी वाणी - संबंध और ज़िम्मेदारी का वचन || इस वाणी का गहरा अर्थ || "हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है" или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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📖 श्रृंखला: मेरा विश्वास - कक्षा 44 🎥 शीर्षक: क्रूस पर यीशु की सात वाणियाँ - प्रतिस्थापन मृत्यु और परिवार की ज़िम्मेदारी 🕒 समय अवधि: लगभग 39 मिनट वीडियो सारांश: इस कक्षा में, हम क्रूस पर प्रभु यीशु मसीह के द्वारा कही गईं सात वाणियों पर गहराई से चिंतन करते हैं। ये वचन केवल उनके अंतिम क्षणों के विचार नहीं, बल्कि हमारे उद्धार, क्षमा, और पारिवारिक दायित्वों के प्रति परमेश्वर की गहरी योजना को प्रकट करते हैं। वीडियो की शुरुआत "प्रतिस्थापन मृत्यु" के सिद्धांत से होती है—यीशु ने क्रूस पर हमारे पापों की कीमत स्वयं चुकाकर हमारे लिए अनंत छुटकारे का मार्ग खोला। 📌 मुख्य बिंदु: पहली वाणी – क्षमा का वचन (लूका 23:34): यीशु ने अपने सताने वालों के लिए क्षमा की प्रार्थना की। हम सीखते हैं कि सच्ची क्षमा पाने और देने के लिए क्या आवश्यक है। दूसरी वाणी – उद्धार का वचन (लूका 23:42-43): क्रूस पर लटके एक डाकू के प्रति यीशु की करुणा और उसके तत्काल उद्धार का वायदा, यह दिखाता है कि विश्वास द्वारा अनुग्रह ही मोक्ष का आधार है। तीसरी वाणी – संबंध और ज़िम्मेदारी का वचन (यूहन्ना 19:26-27): यीशु ने अपनी माता मरियम की देखभाल की ज़िम्मेदारी शिष्य यूहन्ना को सौंपी। इससे हम परिवार के प्रति परमेश्वर की व्यवस्था, सम्मान और दायित्व के बारे में महत्वपूर्ण सबक पाते हैं। यीशु ने व्यवस्था (निर्गमन 20:12) को कैसे पूरा किया। माता-पिता की ज़िम्मेदारी उठाना और उनका आदर करना। परिवार की अहमियत और आशीष का वायदा (इफिसियों 6:1-3) माता-पिता के प्रति असम्मान की गंभीर चेतावनियाँ। ✨ इस वीडियो से आप क्या सीखेंगे: क्रूस पर यीशु का बलिदान हमारे पापों के लिए क्यों अनिवार्य था। सच्ची क्षमा और उद्धार का अर्थ क्या है। एक मसीही होने के नाते परिवार के प्रति हमारी बाइबिल-आधारित ज़िम्मेदारियाँ क्या हैं। माता-पिता का आदर करने से जुड़ी आशीषें और चेतावनियाँ। व्यावहारिक जीवन में अपने विश्वास को कैसे जीएँ। 🕯️ आमंत्रण: आइए, हम इन पवित्र वचनों पर मनन करें और अपने जीवन में इनकी गहरी सच्चाई को उतारने के लिए प्रार्थना करें। यदि आपने अपने पापों को अभी तक स्वीकार नहीं किया है, तो 1 यूहन्ना 1:9 का वायदा आपके लिए है: "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।" 👍 यदि यह शिक्षा आपके लिए आशीष रही है, तो वीडियो को Like करें, Channel को Subscribe करें और Bell Icon दबाएँ ताकि आगामी कक्षाओं की सूचना तुरंत मिल सके। 💬 नीचे Comment में अपने विचार और प्रश्न साझा करें। 🔄 इस वीडियो को उन मित्रों और परिवारजनों के साथ Share करें, जिन्हें मसीह की क्रूस पर की गई इस महान कार्य की गहराई को समझने की आवश्यकता है। #MeraVishwas #Class44 #YeshuKaKroos #SaatVaniyan #PratisthapanMrityu #Maaf #Udhaar #Parivar #Zimmedari #BibleStudy #HindiChristianTeaching #JesusChrist #Cross