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108 Names of Lord Shri Ram with Meaning | - Times of Indiaभगवान राम, विष्णुके सातवें अवतार , मर्यादा पुरुषोत्तम (आदर्श पुरुष) और धर्म, सत्य और करुणा के प्रतीक के रूप में पूजे जाते हैं। अयोध्या के राजा के रूप में, उन्हें शारीरिक रूप से प्रभावशाली, सांवले रंग के योद्धा के रूप में चित्रित किया जाता है, जिनकी भुजाएँ लंबी, कमल जैसी आँखें और सौम्य स्वभाव होता है, और वे आमतौर पर धनुष धारण किए रहते हैं। शारीरिक बनावट और व्यक्तित्व रूप-रंग:वाल्मीकि रामायण के अनुसार , उनका वर्णन अत्यंत सुंदर, लंबा और बलिष्ठ शरीर वाला, कमल के फूल के समान रंग का है। उनका चेहरा चंद्रमा के समान तेजस्वी है, उनकी आंखें कमल के समान बड़ी हैं, उनका सीना चौड़ा है और उनकी चाल सिंह के समान है। पोशाक: उन्हें अक्सर राजकुमार के रूप में शाही, फिर भी सरल, वेशभूषा में, या निर्वासन के दौरान एक तपस्वी के पीले वस्त्रों में, अपने धनुषकोदंडाके साथ चित्रित किया जाता है । व्यवहार: वह अपने शांत, दयालु और सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, फिर भी बुराई का सामना करते समय वे अत्यंत शक्तिशाली और वीर होते हैं। प्रमुख गुण और प्रतीकवाद धर्म के अवतार: राम धर्म, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों के परम अनुयायी हैं, जो अक्सर व्यापक भलाई के लिए अपने व्यक्तिगत सुख का त्याग करते हैं। आदर्श भूमिकाएँ: उन्हें आदर्श पुत्र (माता-पिता के प्रति आज्ञाकारी), पति (सीता के प्रति समर्पित) और राजा (अपनी प्रजा की रक्षा करने वाला) माना जाता है। योद्धा की भावना: धनुष और बाण बुराई को नष्ट करने और धर्मी लोगों की रक्षा करने की उनकी तत्परता का प्रतीक हैं। प्रतीकात्मकता: उन्हें शांति, स्थिरता और आदर्श शासन (राम राज्य) के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। पृष्ठभूमि और भूमिका वंश: अयोध्या में इक्ष्वाकु वंश में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर जन्मे। उद्देश्य: उसका प्राथमिक उद्देश्य राक्षस राजा रावण का नाश करना था, जो देवताओं और दिव्य प्राणियों के लिए तो अजेय था, लेकिन मनुष्यों के लिए नहीं। महत्वपूर्ण घटनाएँ: 14 वर्ष का वनवास, सीता का अपहरण, हनुमान और वानर सेना के साथ गठबंधन और लंका पर विजय उनकी कथा के केंद्र में हैं। सत्य के प्रति उनकी निष्ठा और विपरीत परिस्थितियों में भी उनकी शांत, अडिग शक्ति के लिए उन्हें सर्वत्र सराहा जाता है।