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उत्तरवर्ती मुग़ल - समाप्त जानें क्यों और कैसे | Modern History With Map | Class-14 | Lakshya IAS Academy by RP Sir क्या आपने कभी सोचा है कि जिस विशाल मुगल साम्राज्य ने सदियों तक भारत पर राज किया, उसका अंत इतनी तेजी से और नाटकीय ढंग से क्यों हुआ? औरंगजेब की मृत्यु के बाद (1707 ई.) से लेकर 1857 के विद्रोह तक का काल, जिसे 'उत्तरवर्ती मुगल' (Later Mughals) काल के नाम से जाना जाता है, भारतीय इतिहास का एक बेहद महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी अध्याय है। इसी दौर में मुगल सत्ता का विघटन हुआ और भारत में यूरोपीय शक्तियों के प्रभुत्व का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस "Modern History With Map" श्रृंखला की क्लास-14 में, लक्ष्य IAS अकादमी के अनुभवी शिक्षक, RP सर, आपको उत्तरवर्ती मुगलों के उत्थान और पतन की गहन और मानचित्र-आधारित समझ प्रदान करेंगे। यह वीडियो आपको न केवल तथ्यात्मक जानकारी देगा, बल्कि मुगल साम्राज्य के विघटन के पीछे के कारणों और उनके दीर्घकालिक परिणामों का भी विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करेगा। वीडियो में आप क्या सीखेंगे: 'उत्तरवर्ती मुगल' कौन थे? जानेंगे कि 1707 ई. के बाद मुगल सिंहासन पर बैठने वाले शासक कौन थे और उनके शासनकाल की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं। मुगल साम्राज्य के पतन के कारण: RP सर उन प्रमुख आंतरिक और बाहरी कारकों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे, जिन्होंने शक्तिशाली मुगल साम्राज्य को कमजोर कर दिया। इसमें शामिल होंगे: औरंगजेब की नीतियां: उसकी दक्कन नीति और धार्मिक नीतियों का साम्राज्य पर पड़ा प्रभाव। कमजोर उत्तराधिकारी: बहादुर शाह प्रथम से लेकर बहादुर शाह ज़फ़र तक के शासकों की अयोग्यता और अदूरदर्शिता। उत्तराधिकार के नियम का अभाव: लगातार होने वाले गृह-युद्ध और शक्ति संघर्ष। जागीरदारी और मनसबदारी संकट: प्रशासनिक और आर्थिक व्यवस्था में आई खामियां। दरबारी गुटबंदी और सामंतवाद का उदय: विभिन्न गुटों (ईरानी, तुरानी, अफगानी, हिंदुस्तानी) का बढ़ता प्रभाव और केंद्रीय सत्ता का कमजोर होना। बाहरी आक्रमण: नादिर शाह (1739) और अहमद शाह अब्दाली (पानीपत का तृतीय युद्ध, 1761) जैसे आक्रमणों ने मुगल साम्राज्य की कमर तोड़ दी। क्षेत्रीय शक्तियों का उदय: मराठा, सिख, जाट, राजपूत, तथा अवध, बंगाल और हैदराबाद जैसे स्वतंत्र राज्यों का उद्भव (यह अगले अध्याय का आधार भी बनेगा)। यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों का हस्तक्षेप: कैसे कमजोर होती मुगल सत्ता ने यूरोपीय शक्तियों को भारत की राजनीति में अपनी जड़ें जमाने का अवसर दिया। प्रमुख उत्तरवर्ती मुगल शासक: बहादुर शाह प्रथम, जहांदार शाह, फर्रुखसियर, मुहम्मद शाह 'रंगीला', आलमगीर द्वितीय, शाह आलम द्वितीय और बहादुर शाह द्वितीय (ज़फ़र) के संक्षिप्त परिचय और उनके शासनकाल की प्रमुख घटनाओं का विश्लेषण। मानचित्र के साथ विस्तृत विश्लेषण: वीडियो में मानचित्रों का प्रयोग करते हुए मुगल साम्राज्य के सिकुड़ने और विभिन्न क्षेत्रीय शक्तियों के उभरने की भौगोलिक प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाएगा, जिससे आपकी अवधारणात्मक समझ और भी मजबूत होगी। यह क्लास उन सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है जो आधुनिक भारतीय इतिहास की नींव को मजबूत करना चाहते हैं, घटनाओं के कारणों और परिणामों को समझना चाहते हैं, और परीक्षा में इतिहास से संबंधित प्रश्नों को आत्मविश्वास के साथ हल करना चाहते हैं। अभी देखें और मुगल साम्राज्य के पतन की पूरी कहानी को गहराई से समझें! #LaterMughals #UttarVartiMughal #MughalDecline #ModernHistory #IndianHistory #UPSC #IAS #UPPCS #UPPSC #HistoryWithMap #RPSir #LakshyaIASAcademy #ExamPrep #HindiMedium #लक्ष्यआईएएसएकेडमी Our Lucknow Address: 2nd Floor, Laxmi Tower, Shani Mandir Chauraha, Cantt Road, Above Bank Of India, Nilmatha Bazar, Telibagh, Lucknow - 226002 Call us at: 8182093320 #ModernHistory #MughalEmpire #MughalDecline #UPSC #UPPSC #ROARO #History #RPSir #LakshyaIAS #UPPSC2025 #ROAROReExam #ExamPreparation #ModernHistoryInHindi #UPSC_History #Lucknow