У нас вы можете посмотреть бесплатно सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे | मन को छू लेने वाला राम भजन | Ayodhya Ram Bhajan | New Ram Bhajan или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
🙏 जय श्री राम 🙏 सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे – अयोध्या धाम की महिमा का यह सुंदर भजन आपके मन को भक्ति से भर देगा। इस मधुर राम भजन को सुनते ही हृदय में प्रेम, शांति और श्रद्धा जाग उठेगी। अगर आप भी राम नाम के प्रेमी हैं, तो वीडियो को पूरा सुनें, लाइक करें और शेयर जरूर करें। 🚩 अयोध्या धाम की जय 🚩 सीताराम जी की जय ✨ यह भजन खास तौर पर राम भक्तों के लिए बनाया गया है। ✨ सुबह-शाम सुनने से मन को शांति मिलती है। Song : Sita Ram Ji Ki Pyari Rajdhani Lage Album : Sita Ram Ji Ki Pyari Rajdhani Lage Singer : Rajan Raj Edit : Rocky Pardeep Producer : Raj Kishor Music Label : Gudiya Bhajan Darpan 🔔 चैनल को Subscribe करना ना भूलें – यहाँ आपको मिलेंगे रोज नए भक्ति भजन। / @gudiyabhajandarpan #RamBhajan #SitaRam #Ayodhya #JaiShriRam #BhaktiSong #RamJi #Bhajan #SitaRam #JaiShriRam #RamBhajan #Ayodhya #RamJi #Bhakti #BhaktiSong #AyodhyaDham #RamMandir #HinduBhajan #Devotional #RamNaam #ShriRam #BhajanKirtan #rambhakti सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे | Ayodhya Ram Bhajan | New Ram Bhajan 2026 सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे ❤️ | अयोध्या धाम भजन | Ram Ji Bhajan सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे | Superhit Ram Bhajan | Ayodhya Special अयोध्या की महिमा 🙏 सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे | Latest Bhajan सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे | मन को छू लेने वाला राम भजन Sitaram Ji Ki Pyari Rajdhani Lage | Ayodhya Ram Bhajan | Bhakti Song सीताराम जी की प्यारी राजधानी लागे | 2026 का सबसे प्यारा राम भजन सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे लिरिक्स सीता राम जी की प्यारी, राजधानी लागे, राजधानी लागे, मोहे मिठो मिठो, सरयू जी रो पानी लागे ।। धन्य कौशल्या धन्य कैकई, धन्य सुमित्रा मैया, धन्य सुमित्रा मैया.. धन्य भूप दशरथ जी के आंगन, खेलत चारो भैया, मीठी तोतली रसीली प्रभु की, वाणी लागे, प्रभु की वाणी लागे, मोहे मिठो मिठो, सरयू जी रो पानी लागे । छोटी छावनी रंगमहल, हनुमान गढ़ी अति सुन्दर, हनुमान गढ़ी अति सुन्दर.. स्वयं जगत के मालिक बैठे, कनक भवन के अंदर, सीता राम जो की शोभा, सुखधानी लागे, सुखधानी लागे.. मोहे मिठो मिठो, सरयू जी रो पानी लागे । सहज सुहावन जनम भूमि, श्री रघुवर राम लला की, श्री रघुवर राम लला की, जानकी महल सूचि सुन्दर शोभा, लक्ष्मण ज्यूत किला की, यहाँ के कण कण से, प्रीत पुरानी लागे, प्रीत पुरानी लागे.. मोहे मिठो मिठो, सरयू जी रो पानी लागे । जय सियाराम दंडवत भैया, मधुरी वाणी बोले, मधुरी वाणी बोले.. करे कीर्तन संत मगन मन, गली गली मे डोले, सीता राम नाम धुन प्यारीं, मस्तानी लागे, मस्तानी लागे.. मोहे मिठो मिठो, सरयू जी रो पानी लागे । रघुपत प्रेम प्राप्त करके सब, पी कर श्री हरी रस को, पी कर श्री हरी रस को.. गण ‘राजेश’ रहे नित निर्भय, फिकर कहो क्या उसको, जिसको मात पिता रघुराज, सिया महारानी लागे, सिया महारानी लागे.. मोहे मिठो मिठो, सरयू जी रो पानी लागे । सीता राम जी की प्यारी, राजधानी लागे, राजधानी लागे, मोहे मिठो मिठो, सरयू जी रो पानी लागे ।।