У нас вы можете посмотреть бесплатно केदारनाथ का रहस्य II आखिर कपाट के अंदर कैसे जलता है दिया II , केदारनाथ मंदिर का पौराणिक इतिहास II или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
केदारनाथ मंदिर से जुड़े अनसुने रहस्यों में सबसे प्रमुख, 6 महीने तक कपाट बंद रहने के बावजूद अंदर दीपक का जलते रहना और अखंड पूजा का जारी रहना है। साथ ही, 400 वर्षों तक मंदिर का बर्फ में दबे होने के बावजूद सुरक्षित रहना, 2013 की भीषण बाढ़ में एक विशाल चट्टान (भीम शिला) द्वारा मंदिर की रक्षा करना और पांडवों द्वारा मंदिर की स्थापना के साक्ष्य प्रमुख रहस्यों में शामिल हैं। केदारनाथ मंदिर के प्रमुख अनसुने रहस्य 6 महीने तक जलने वाला रहस्यमयी दीपक: सर्दियों में कपाट बंद होने पर मंदिर के अंदर एक दीपक जलाया जाता है, जो 6 महीने बाद कपाट खुलने पर भी जलता मिलता है। मान्यता है कि इस दौरान भगवान शिव और देवता मंदिर की पूजा करते हैं। 400 साल बर्फ में दबा रहने का रहस्य: वैज्ञानिकों के अनुसार, 13वीं से 17वीं शताब्दी तक छोटा हिमयुग आया था, जिससे मंदिर लगभग 400 वर्षों तक बर्फ में पूरी तरह दबा रहा, लेकिन फिर भी इसे कोई नुकसान नहीं पहुँचा। 2013 की बाढ़ में भीम शिला की भूमिका: 2013 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान, पहाड़ से लुढ़क कर आई एक विशाल शिला ने मंदिर के पीछे आकर रुककर मंदिर को सुरक्षित रखा। इस शिला को 'भीम शिला' कहा जाता है। शिवलिंग के बजाय कूबड़ की पूजा: केदारनाथ में स्थापित ज्योतिर्लिंग आम शिवलिंग की तरह नहीं है। यहाँ शिवजी के बैल रूप (नंदी) के पीठ के कूबड़ (Hump) की पूजा की जाती है, जो पौराणिक कथाओं के अनुसार पांडवों से छिपने के दौरान जमीन में विलीन हो गए थे। पांडवों से जुड़ा अनसुना इतिहास: कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद पांडव शिव की खोज में यहाँ आए थे। शिव ने बैल का रूप लिया और जब भीम ने उन्हें पहचान लिया, तो वे जमीन में समाने लगे। भीम ने उन्हें रोक लिया, इसलिए आज भी यहाँ उनकी पीठ का हिस्सा पूजा जाता है। वैज्ञानिकों के लिए अनसुलझी पहेली: सदियों पुराने इस मंदिर का निर्माण पत्थर की बड़ी-बड़ी शिलाओं को बिना किसी आधुनिक सामग्री (जैसे सीमेंट) के जोड़ा गया है। आज तक यह रहस्य बना हुआ है कि कैसे यह मंदिर इतने भयंकर मौसम और प्राकृतिक आपदाओं में भी खड़ा रहा। YouTube YouTube +9 ये सभी रहस्य केदारनाथ को एक अलौकिक और पवित्र धाम बनाते हैं।