У нас вы можете посмотреть бесплатно ZiQrullah Makki Qari Shazid Raza murtiha Edgah जिकरुल्लाह मक्की लाइव 2026 или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
जिकरुल्लाह मक्की का नया बयान #jirullahMufti Rafiq Alam Khanna Puri ki latifa wali takrir murge ko Gali na do मुफ्ती रफीक आलम खन्नापुरी की लतीफ़ा | Lucknow Bangal Jakar Fas Gaya Dehati भाषा में तकरीर हुकूमत सिर्फ ईमान पर चलता हैं | घोड़ा खरीदने पर न्यू लतीफा | मुफ्ती रफीक आलम खन्ना पुरी #muftirafikalamkhannapuri #muftirafiqalamkhannapur #muftirafiqalamkhannapurilatifa #mahtabagency #husaininetowrklive mufti Rafiq Khanna Puri ki taqreer मुफ्ती रफीक खन्नापूरी mufti rafik alam khannapuri Laila Majnu per latifa Mufti Rafiq Alam Khanna Puri ki latifa wali Mufti Rafiq Khanna Puri ka latifa Mufti Rafiq Alam Khanna Puri ki new taqreer a Gaya 100 gram singhade per latifa a Gaya ghoda kharidne per latifa Dulquer esra sahabi ka walkya Mufti Rafiq khanpuri ka byan 2026 Mufti Rafiq Khanna Puri ki takrir 2026 Mufti Rafiq khanapuri ka latifa 2027 khir Puri gadha per latifa Mufti sahab ka latifa sunao Mufti sahab ka अच्छा-अच्छा latifa sunao Kali aurat per latifa Lal Sadi per latifa Mufti Rafiq Khan Nagpuri ka latifa 2027 mein Ramzan Sharif Ramzan Sharif ka new byan 2026 shahri Mein sune yah byan bahut Dil Ko sukun सुबह-सुबह sune Mufti sahab ka byan bahut hansane wala la hans hans kar lotpot ho jao latifa sunkar ठीक है। नीचे पूरा तैयार सामग्री दे रहा हूँ — पोस्टर / स्टेटस और 5–7 मिनट की स्टेज तक़रीर दोनों। आप सीधे इस्तेमाल कर सकते हैं। 📌 पोस्टर / स्टेटस (रुला देने वाली पंक्तियाँ) इबादत बहुत थी… कुरआन ज़ुबान पर था… मगर दिल में अदब नहीं था। एक शख़्स ने रसूल ﷺ से कहा — “इंसाफ़ कीजिए” और यहीं से गुमराही की बुनियाद पड़ गई। 👉 सबक: दीन सिर्फ़ सजदों का नाम नहीं, अदब का नाम है। जुल-खुवैसिरा पढ़ता रहा कुरआन, मगर कुरआन उसके दिल में नहीं उतरा। अल्लाह हमें इल्म के साथ नरमी और इबादत के साथ अदब अता फरमाए। आमीन। 🎤 5–7 मिनट की तैयार तक़रीर (हिंदी) विषय: इबादत बिना अदब के – जुल-खुवैसिरा का दर्दनाक अंजाम भाइयो और बहनो, आज मैं आपको एक ऐसा वाक़िया सुनाने जा रहा हूँ जो आँखों को नम और दिल को हिला देने वाला है। इतिहास में एक शख़्स का ज़िक्र आता है — जुल-खुवैसिरा। देखने में बड़ा नेक, माथे पर सजदे का निशान, ज़ुबान पर कुरआन, लेकिन… दिल में अदब नहीं था। एक दिन वह रसूलुल्लाह ﷺ के सामने खड़ा हुआ और ऐसी बात कह दी जिससे आसमान भी कांप जाए— 👉 “ऐ मुहम्मद ﷺ, इंसाफ़ कीजिए।” सोचिए भाइयो… जिस नबी को अल्लाह ने इंसाफ़ का पैमाना बनाया, उन्हीं पर सवाल? सहाबा का खून खौल उठा, लेकिन नबी ﷺ सब्र की मिसाल बन गए। आप ﷺ ने फरमाया: “अगर मैं इंसाफ़ नहीं करूँगा, तो फिर कौन करेगा?” यही शख़्स आगे चलकर उस फ़ितने की जड़ बना जिसे दुनिया ख़वारिज़ कहती है। नबी ﷺ ने पहले ही फ़रमा दिया था: “ये लोग कुरआन पढ़ेंगे, लेकिन कुरआन उनके गले से नीचे नहीं उतरेगा।” भाइयो, यह वाक़िया इसलिए रुलाता है क्योंकि— इबादत ने नहीं बचाया इल्म ने हिदायत नहीं दी अदब की कमी ने सब बर्बाद कर दिया आज भी अगर हमारे अंदर घमंड है, सख़्ती है, और दूसरों को हक़ीर समझने की आदत है, तो डरिए… कहीं हम उसी राह पर तो नहीं? अल्लाह से दुआ है: ऐ अल्लाह! हमें सजदों के साथ अदब दे, इल्म के साथ नरमी दे, और अपने नबी ﷺ की सच्ची मुहब्बत हमारे दिलों में भर दे। आमीन या रब्बुल आलमीन। अगर आप चाहें तो मैं इसे जुमे के बयान के अंदाज़ में, और ज़्यादा भावुक (आँसू लाने वाला), या वीडियो/यूट्यूब स्क्रिप्ट के रूप में भी तैयार कर दूँ। बस