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राजेन्द्र आर्य कृतज्ञ राष्ट्र का नमन — हे अमर बलिदानी!राष्ट्र चेतना के महान जागरण पुरुष एवं राष्ट्र निर्माण हेतु अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी के बलिदान शताब्दी वर्ष के शुभारम्भ का पावन आयोजन महामहिम राज्यपाल रमेन डेका जी के प्रेरणादायी शुभ संदेश के साथ भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ इस ऐतिहासिक अवसर पर माननीय राधेश्याम राठिया (सांसद), प्रबल प्रताप सिंह जूदेव (अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख), आचार्य कुंजदेव मनीषी जी, आचार्य मनुदेव जी, श्री विजयशंकर पट्टनायक जी, डॉ. राजकुमार भारद्वाज जी, माता मल्लिका चतुर्भुज जी, श्री प्रह्लाद आर्य जी, कपिल शास्त्री जी, विकास केडिया जी, चक्रधर पटेल जी, प्रेमनारायण मौर्य जी तथा गुरुकुल परिवार के श्री रामकुमार पटेल जी, श्री जोगी राम आर्य जी, श्री घनश्याम पटेल जी, श्री जगन्नाथ प्रधान जी, श्री विभूति प्रधान जी, श्री विवेक प्रधान जी, श्री राजेन्द्र जी, श्री सव्याची जी, श्री मुकेश जी, श्री शेष कुमार जी एवं श्री नीलकांत पटेल जी सहित अनेक गणमान्य जनों की पावन उपस्थिति रही।आप सभी के स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद से यह शताब्दी वर्ष समाज जागरण एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। आप सभी की गरिमामयी उपस्थिति हेतु मैं हृदय से कृतज्ञ एवं आभारी हूँ। सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणास्रोत हैं स्वामी श्रद्धानंद : रमेन डेकाआर्ष गुरुकुल तुरंगा में बलिदान शताब्दी महोत्सव संपन्नरायगढ़, 21 फरवरी 2026पुसौर विकासखंड के ग्राम तुरंगा स्थित आर्ष गुरुकुल आश्रम में स्वामी श्रद्धानंद जी के पावन बलिदान की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘स्वामी श्रद्धानंद बलिदान महामहोत्सव एवं राष्ट्र रक्षा महायज्ञ’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान तथा छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना ‘अरपा पैरी के धार’ के साथ हुआ।मुख्य अतिथि का आगमन एवं उद्बोधन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका उपस्थित रहे। उन्होंने यज्ञ कुंड का दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।अपने उद्बोधन में राज्यपाल महोदय ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी महान समाज सुधारक, प्रखर शिक्षाविद् एवं वीर स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने भारतीय समाज में सकारात्मक परिवर्तन हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वामी जी आर्य समाज के प्रमुख स्तंभ थे और स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका रही।राज्यपाल ने वर्ष 1902 में स्थापित गुरुकुल कांगड़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी जी ने प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति और आधुनिक विषयों का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत किया, जो आज भी अत्यंत प्रासंगिक है।उन्होंने छुआछूत, जातिवाद एवं सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों के विरुद्ध स्वामी जी के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि वे ‘शुद्धि आंदोलन’ के प्रणेता थे, जिसका उद्देश्य समाज को उसकी मूल सांस्कृतिक पहचान से पुनः जोड़ना था। साथ ही उन्होंने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में नैतिक एवं चारित्रिक मूल्यों के समावेश की आवश्यकता पर बल देते हुए युवाओं से आह्वान किया कि जीवन का लक्ष्य केवल करियर निर्माण न होकर समाज सेवा एवं आत्मसंतोष भी होना चाहिए। जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने का संदेश भी दिया। भूमि पूजन एवं सम्मानकार्यक्रम के दौरान राज्यपाल महोदय ने संस्थान के ‘अन्नपूर्णा भवन’ निर्माण हेतु भूमि पूजन किया।इस अवसर पर श्रीमती मल्लिका चतुर्भुज को संस्थान के विकास हेतु 10 एकड़ भूमि दान करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथियों के विचारसांसद राधेश्याम राठिया ने राज्यपाल के आगमन को क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि स्वामी जी का बलिदान राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश देता है।प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि स्वामी जी ने धर्मांतरण के प्रयासों का विरोध कर अनेक लोगों को सनातन परंपरा से पुनः जोड़ा। कपिलदेव शास्त्री ने उत्तराखंड में संचालित शुद्धि आंदोलन के ऐतिहासिक प्रसंगों को साझा किया तथा बताया कि आज भी इस संस्थान में पूर्वोत्तर भारत के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं।समापनकार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथियों को शाल, श्रीफल एवं स्वामी जी का छायाचित्र भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य राकेश कुमार ने किया तथा डॉ. रामकुमार पटेल ने आभार प्रदर्शन किया। यह आयोजन न केवल एक स्मरणीय अवसर रहा, बल्कि राष्ट्र चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं समाज जागरण के संकल्प को और अधिक दृढ़ करने वाला प्रेरणास्पद पर्व सिद्ध हुआ। वंदे मातरम्। सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणास्रोत हैं स्वामी श्रद्धानंद जीः राज्यपाल श्री रमेन डेका आर्ष गुरुकुल तुरंगा में बलिदान शताब्दी महोत्सव संपन्न रायगढ़, 21 फरवरी 2026/ पुसौर विकासखंड के ग्राम तुरंगा स्थित आर्ष गुरुकुल आश्रम में स्वामी श्रद्धानंद के पावन बलिदान के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘स्वामी श्रद्धानंद बलिदान महामहोत्सव एवं राष्ट्र रक्षा महायज्ञ’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान तथा छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना ‘अरपा पैरी के धार’ के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के राज्यपाल श्री रमेन डेका उपस्थित रहे। उन्होंने यज्ञ कुंड का दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।राज्यपाल श्री डेका ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी एक महान समाज सुधारक, प्रखर शिक्षाविद् और वीर स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने भारतीय समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। राज्यपाल ने कहा कि स्वामी जी आर्य समाज के प्रमुख स्तंभ थे और उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों जय हिंद जी