У нас вы можете посмотреть бесплатно मेरी माँ शेरों वाली है । स्वर - @ बहन संगीता आर्या जी @ । गुरूकुल धीरणवास हिसार ( हरियाणा ) भारत । или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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Mission Aryavart , || Arya Samaj Vaidik Bhajan || , Gurukul Aryanagar Hisar Haryana , Gurukul Dhiranwas Hisar Haryana , Arya Samaj Bhajan by Sangeeta Arya Ji , All Arya Samaj Vaidik Bhajan , मिशन आर्यावर्त्त , || आर्य समाज वैदिक भजन || , गुरूकुल आर्यनगर हिसार ( हरियाणा ) , गुरूकुल धीरणवास हिसार ( हरियाणा ) , आर्य जगत की सुविख्यात वैदिक भजनोपदेशिका आदरणीया पूज्या @ बहन संगीता आर्या जी @ सभी मित्रों , भाईयों एवं आर्य भद्र पुरूषों से हाथ जोड़कर विनम्र पूर्वक अनुरोध है कि आप इस Video को जरूर जरूर सुनना जी और इस Video को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का कष्ट करें जिससे कि आर्य समाज का प्रचार - प्रसार हो सके और आर्य समाज उन्नति के शिखर पर अग्रसर हो । भजन मेरी माँ शेरों वाली है , भारत माँ शेरों वाली है । जिसके शेरों की दुनियाँ में शान निराली है ।। 1 - शिवा प्रताप शेर नर , हिला दिया ओरंग अकबर । समर में चमका भाला , नाज था चेतक ऊपर । वार नहीं जिसका झिला था , यवन मिट्टी में मिला था । गरजता था पूना में , तख्त दिल्ली का हिला था । वीर शिवा - सा आज नहीं कोई बलशाली है ।। 2 - जहाँ हर रोज जबानी , नाम लेकर के कहानी । सुनाती थी काबुल में , कभी बच्चों को पठानी । जो सुत को रोता पाया , जरा भी शोर मचाया । कहा सुत सो जा माँ ने , हरिसिंह नलवा आया । भाग उठा अरिदल कर में जब तेग सम्भाली है ।। 3 - भावना जगी थी मन में , उठे थे शोले बदन में । नीच से बदला लेने , गया ऊधम लन्दन में । कैकस्टन हाल में फायर , किया जहाँ मारा डायर । मचा हंगामा एकदम , दहल गए सारे कायर । पेन्टनविला जेल में हंसकर फांसी खा ली है ।। 4 - रहे भयभीत फिरंगी , कांप गये लाट भी जंगी । रोक ना पाई उसको , जहाँ संगीनें नंगी । मिला हिटलर ने पनाह दी , जाओ जापान सलाह दी । कहा दो खून सिपाही , मैं तुमको दूं आजादी । याद सभी को आज तलक नेता बंगाली है ।। 5 - पढ़ो इतिहास पुराना , शेर था एक वो मर्दाना । खाक मेवाड़ की छानी , नाम जिसका महाराणा । न वो बन्धन में आया , न उसने शीश झुकाया । वीर धरती पर सोया , हाथ पर खाना खाया । घास की रोटी खाकर बेशक ये उम्र बिताली है ।। 6 - शेर हैं उसके अनेकों , जिधर चाहो वही देखो । लेख श्रद्धानन्द देखो , कहीं विरजानन्द देखो । अथवा लेख कहीं श्रद्धानन्द है , काट गए माँ के फन है । त्याग की मूर्ति देखो , महर्षि दयानन्द है । आज जो देश के प्यारे , उन्हें हैं प्राणों से प्यारे । नकली शेर पे बैठा के कह रहे शेरों वाली है ।। 7 - बात ये नहीं आज की , भगत सुखदेव लाज की । नींव बिस्मिल शेखर ने , हिला दी ब्रिटिश राज की । रहे जेलों के अन्दर , महात्मा तिलक सावरकर । ऋषि ने क्रान्तिकारी , सत्यार्थप्रकाश को लिखकर । `` कर्मठ ʼʼ गुलामी की जंजीर तोड़ के डाली है ।। 8 - शेर एक इसने जाया , शेरसिंह वो कहलाया । जिसने लन्दन में जाकर , वो डायर मार गिराया । मार दिया जब हत्यारा , मां का था कर्ज उतारा । साथ में ही इर्विन के , ओडवायर को मारा । ऊधमसिंह ने बहाई सदन में , खून की नाली है ।। 9 - धींगड़ा एक मड़क कर , बहादुर वीर भड़क कर । देश का दुश्मन है ये , उठा था तभी कड़क कर । दुष्ट की खूब खबर ली , मार दिया कर्जन वाली । फाँसी पर चढ़कर उसने भी स्वर्ग की राह ली है ।। 10 - शेर बन्धन में एक था , मगर वह बहुत नेक था । तोड़कर पिंजरा भागा , ब्रिटिश रह गया देखता । पठान कभी बना मौलवी , वो कलकत्ते से देहली । गोरों को चक्कर में दे गया , बोस बंगाली है ।। 11 - शेर एक अनुपम बांका , विलक्षण वीर लड़ाका । कांपती थी दिल्ली थर - थर , नाम सुन वीर शिवा का । शेर एक और यहाँ का , बहादुर बेटा मां का । डराती थी मां बच्चों को , नाम लेकर नलुवा का । जिसने पठान और अफगानों की नींद चुराली है ।। 12 - अमर था शेर दीवाना , काकोरी काण्ड कराना । मौत को भी हड़काता , रामप्रसाद बिस्मिल कहाता । किया संध्या वो हवन भी , ठीक फाँसी से पहले । धर्म और देश की खातिर , सरफरोशी तमन्ना ले । अमर शहीदों की ज्योति को , और निखारी है ।। 13 - शेर एक वेदों वाला , विश्व में किया उजाला । भोग पाखण्ड मिटाया , वेदों का तोड़ा ताला । ऋषि ने जान गवाई , हमने विष दिया पिलाया । देश का दीप बुझाया , अन्धेरा चाहूं दिशी छाए । ऋषि दयानन्द की तो देखो शान निराली है ।। 14 - मस्ती में सिंह निराला , भगत पंजाब वाला । वचन का पक्का होकर , मार साण्डर्स को डाला । शेर दिल वीर था वो , वचन का धीर था वो । ब्रिटिश की धरकन बंद हो , भगतसिंह नाम जब लो । बम्ब फोड़कर ऐस्मबली सभा में , धूल उड़ा दी है ।। 15 - ऋषि इक योग वाला , शेर भारत का निराला । लोगों का रोग मिटाकर , किया जीवन में उजाला । देश की शान है वो , राम नींव नाम है वो । जिसके सीने में भारत , माँ का अरमान है वो । जिसके नाम से डरते देश के भ्रष्टाचारी है ।। भारत माँ शेरों वाली है । भारत माँ शेरों वाली है , भारत माँ वीरों वाली है । जिसके शेरों की दुनियाँ में , शान निराली है ।।