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संकटमोचन हनुमान अष्टक (Full Lyrics) | Hanuman Ashtak | Most Powerful Hanuman Mantra Sankat Mochan Naam Tiharo | संकटमोचन नाम तिहारो | Hanuman Bhajan by Alakh Naam संकटमोचन हनुमान अष्टक (Sankat Mochan Hanuman Ashtak) एक अत्यंत शक्तिशाली पाठ है जो हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने और जीवन के सभी बड़े से बड़े संकटों को दूर करने के लिए किया जाता है। "को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो" - इस पंक्ति में ही इतनी शक्ति है जो हर भक्त के मन को शांति देती है। भक्ति भाव से इस अष्टक का श्रवण करें और हनुमान जी से अपने और अपने परिवार के कष्ट हरने की प्रार्थना करें। The Disconnect: Your viral video was about "Morning Prayer" / "Daily Routine." "Sankat Mochan" is specific to Lord Hanuman and protection. The Bridge: You need to explicitly frame this as a morning habit in your packaging. Action: Update your video Title or Description to include keywords like "Morning Protection Mantra" or "Start your day with Hanuman." This connects it back to the intent of your viral audience (people looking for a morning routine). 🔔 Alakh Naam चैनल को सब्सक्राइब करें: Subscribe Here 📜 संकटमोचन हनुमान अष्टक (Full Lyrics): बाल समय रवि भक्षी लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों। ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो॥ देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो। को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥१॥ बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो। चौंकि महामुनि साप दियो तब, चाहिए कौन बिचार बिचारो॥ कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के सोक निवारो। को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥२॥ अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो। जीवत ना बचिहौ हम सो जु, बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो॥ हेरी थके तट सिन्धु सबे तब, लाए सिया-सुधि प्राण उबारो। को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥३॥ रावण त्रास दई सिय को सब, राक्षसी सों कही सोक निवारो। ताहि समय हनुमान महाप्रभु, जाए महा रजनीचर मरो॥ चाहत सीय असोक सों आगि सु, दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो। को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥४॥ बान लाग्यो उर लछिमन के तब, प्राण तजे सूत रावन मारो। लै गृह बैद्य सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो॥ आनि सजीवन हाथ दिए तब, लछिमन के तुम प्रान उबारो। को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥५॥ रावन जुध अजान कियो तब, नाग कि फाँस सबै सिर डारो। श्रीरघुनाथ समेत सबै दल, मोह भयो यह संकट भारो॥ आनि खगेस तबै हनुमान जु, बंधन काटि सुत्रास निवारो। को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥६॥ बंधू समेत जबै अहिरावन, लै रघुनाथ पताल सिधारो। देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि, देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो॥ जाये सहाए भयो तब ही, अहिरावन सैन्य समेत संहारो। को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥७॥ काज किये बड़ देवन के तुम, बीर महाप्रभु देखि बिचारो। कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसे नहिं जात है टारो॥ बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होए हमारो। को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥८॥ 🙏 Watch More Devotional Videos: • Hanuman Chalisa: [Link to your other video] • Bajrang Baan: [Link to your other video] #SankatMochanHanumanAshtak #HanumanBhajan #AlakhNaam #HanumanJi #BhaktiSong