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VANRAJA MURGI PALAN करने वाले मो. सादिक़ गाँव - गाँव फेरी लगाकर मुर्गियां के चूजे बेचते है | #VanrajaMurgi #DesiMurgiPalan दोस्तों इस वीडियो से हमारे भाईयों को आज जबरदस्त मोटिवेशन मिलने वाली है क्योंकि आपकी मुलाकात ऐसे शख्स से से होगी जो पिछले 20 साल से वनराजा मुर्गी पालन कर रहे है और ये गाँव - गाँव घूमकर खुद मुर्गियों के चूजे बेचते है और और लोगों को वनराजा मुर्गी के पालन में सहयोग करते है | दोस्तों मुर्गी पालन ( DESI MURGI PLAN ) तो पिछले 5000 वर्षों से भारत में हो रहा है और यह एक अत्यंत लाभदायक बिजनेस भी है | लेकिन भारत में देशी मुर्गी की अभी भी कम उत्पादकता है जबकि मांग जयादा है | वनराजा मुर्गी का पालन यहाँ एक देसी हाइब्रिड के रूप में ही की जाती है | अत : इस क्षेत्र में रोजगार के बड़े और सुनहरे अवसर मौजूद है | 500 वनराजा देशी मुर्गी पालन से आप 50 दिनों में कम से कम एक लाख रूपये तक की कमाई आसानी से कर सकते है | पटना के दुल्हिनगंज निवासी मो. सादिक जी पिछले 20 वर्षों से अपने परिवार का भरण - पोषण केवल इसी व्यवसाय से करते है | इस वीडियो में उन्होंने जो भी बताया है वो आपके लिए एक प्रेरणा दायक बात होगी | घर के दरवाजे पर अंडों की आसानी से उपलब्धता के कारण अन्य किसान भी यह उद्यम आसानी से शुरू कर सकते हैं। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं और किसान इस नस्ल को वाणिज्यिक स्तर पर पालने के ठोस ज्ञान से समृद्ध हुए हैं। इससे अंडों से 60,000 रु. तथा मांस से 52,500 रु. की औसत आमदनी लेने में सफलता मिली है। किसानों से प्राप्त फीडबैक से पता चलता है कि अन्य मुर्गियों की तुलना में वनराजा में वृद्धि तीव्र गति से होती है, कम निवेश प्रणाली के अंतर्गत बड़े अंडे उत्पन्न होते हैं, यह नस्ल अधिकांश रोगों की प्रतिरोधी है, इसे कम स्थान की आवश्यकता होती है और इसके साथ ही इस उद्यम में न्यूनतम श्रम व निवेश लगते हैं। NAME : Mohamad Saadik Mob: 6202332137 वनराजा मुर्गी की विशेषता ----------------------------------------------- यह बहुवषीय एवं आकर्षक पक्षी है। श्रोग प्रतिरोषक क्षमता होने के कारण रोग ग्रस्त होने की सांम्भावना कम है। निम्न आहार उपलब्धता पर अच्छी वृद्धि दर देशी मुर्गी के अपेक्षा अधिक वृद्धि दर अंड़ा उत्पादन अंड़े के समान होता है। वनाराजा का मास स्वादिष्ट एवं कम चर्बी वाला होता है। होने के कारण भार उपेक्षाकृत कम एवं पिण्डली लम्बा होने कारण यह परभक्षी से स्वयं की रक्षा करने मं अधिक सक्षम है। वनाराजा मुर्गी फ्री रेंज (खुला विचरण) में उत्तम प्रदर्शन करता है। वनाराजा मुर्गी का प्रदर्शन एक दिन के चूजे का वजन 34 से40 ग्राम 6 सप्ताह में शरीर भार 700 से 850 ग्राम एक कि.गा. शरीर भार प्राप्तकरने का काल 7-8 सप्ताह अंड़ा की प्रतिशतता 72 अंड़ा उत्पादन आरम्भ 175 -180 दिन अंडो से चूजे का उत्पादन 80 प्रतिशत अंडो का औसत वनज 55 -63 ग्राम अंडों को देशी मुर्गी के द्वारा सेने से चुजा प्राप्त किया जा सकता है। ------------ POPULAR PROGRAMME/ PLAYLISTS : Motivation Talkies: https://bit.ly/34LbyA9 Dhandha Paani : https://bit.ly/3ozJ97a Live Bioscope : https://bit.ly/2EPEagE Foodie Studio : https://bit.ly/2DbPXFI -------------- Subscribe Youtube Channel : / biharstory Follow BiharStory on Instagram: / biharstory Like BiharStory on Facebook: / biharstoryin Follow BiharStory on Twitter: / biharstory Official Website : www.biharstory.in