У нас вы можете посмотреть бесплатно Bhaiyya teri Sakina Ko Mai Kho ke aayi hu||Anjuman moinul aza Daudpur||21 Safar katghar Kamal 2020 или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
NOHA CHEHLUM || bhaiyya teri sakina Ko Mai Kho ke aayi hu zindane Shaam se ye sunani Mai layi hu || Anjuman moinul aza Sadat Daudpur Ambedkar Nagar (2020) title. bhaiya teri sakinaKo Mai Kho ke ayi hu related. chehlum noha reciter. Anjuman moinul aza Sadat Daudpur poet. marhoom mojiz Jalalpuri sahab नौहा भैय्या तेरी सकीना को मै खो के आईं हूं ज़िन्दाने शाम से ये सुनानी मै लाई हूं [1] कमसिन थी और कितनी बला उसके सर गई देखा सितमगरो को जिधर भी नजर गई शिम्रे लई की देख के सूरत वो डर गई शिददत उठा के कै़द कि वो कूच कर गई भैय्या तेरी सकीना... [2] यादे पदर में रोती थी हर दम वो ज़ार ज़ार आ आके शिम्र उसको घुड़कता था बार बार रुख पर तमाचे मारता था वो सितम शाआर आख़िर वो क़ैदे शाम में एक दिन गुज़र गई भैय्या तेरी सकीना... [3] क़ासिम को रोती थी कभी अकबर को रोती थी अम्मू को रोती थी कभी असग़र को रोती थी वो बीबियो में बैठ के घर भर को रोती थी दुख सहते सहते क़ैद से एक दिन वो मर गई भैय्या तेरी सकीना... [4] नन्हे से दिल पे कितनी मुसीबत उठा गई करबोबला से प्यास की शिददत उठा गई इस कमसिनी में आई जो आफत उठा गई सीने में अपने ले के वो यादे पदर गई भैय्या तेरी सकीना... [5] अब्बास की लहद पे मै कैसे सुनाऊंगी भैय्या ये शर्म सार है कैसे बताऊंगी भैय्या तेरी भतीजी को कैसे भूलाऊंगी वो पानी पानी करते हुए कूच कर गई भैय्या तेरी सकीना... [6] लाशा बहन का किस तरह आबिद उठाएं थे ज़ंजीर और बेड़ियां ज़ालिम पेनाए थे किस तरह डगमगाते लहद तक वो आए थे दफना के आंख आसूवो से उनकी भर गई भैय्या तेरी सकीना... [7] लब पर वतन वतन था ना उसको वतन मिला बतलाऊं कैसे मरने पे कैसे कफ़न मिला बदले कफ़न के खूं भरा वो पैरहन मिला रूदादे ग़म ये ख़ु भरी दिल मे उतर गई भैय्या तेरी सकीना... [8] असगर तो कर्बला में सकीना है शाम में काम आ गए ये भाई बहन दी केे काम में कुछ भी बचा का बानो के दिल के ख़याम में मोजिज़ ये क़ब्रे शै पे बहन बैन कर गई भैय्या तेरी सकीना... ...तमाम...