У нас вы можете посмотреть бесплатно कर्मफल त्याग से शांति का मार्ग (श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 5 श्लोक 12) или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
इस वीडियो में हम श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 5 के श्लोक 12 का सरल हिंदी अर्थ, भावार्थ और जीवन में उसका महत्व समझेंगे। भगवान श्रीकृष्ण इस श्लोक में बताते हैं कि कर्म करते हुए फल की आसक्ति छोड़ने वाला व्यक्ति स्थायी शांति प्राप्त करता है, जबकि फल की कामना से किया गया कर्म मनुष्य को बंधन में डाल देता है। यह श्लोक हमें कर्मयोग, आंतरिक शांति, और आसक्ति से मुक्ति का गहरा संदेश देता है, जो आज के तनावपूर्ण जीवन में अत्यंत उपयोगी है। इस वीडियो में आप जानेंगे: श्लोक का शुद्ध पाठ सरल हिंदी अर्थ भावार्थ और जीवन से जुड़ा संदेश आज के समय में श्लोक की प्रासंगिकता #sadhaksanjeevani #astrology #Geetasarhindi