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श्रेय: रिकॉर्डिंग - सूर्य राजकमल लेखक: रमन द्विवेदी भक्तों नमस्कार! प्रणाम! और हार्दिक अभिनन्दन! भक्तों देश के हर कोने में देवी मां के मंदिर, शक्तिपीठ और तीर्थस्थल पाए जाते हैं। लगभग सभी मंदिरों की अपनी अलग महत्ता और अपनी अलग प्रसिद्धि है। अधिकांश मंदिर अपनी अलग ही विशेषताओं व चमत्कारों के लिए विख्यात हैं। अपने कार्यक्रम दर्शन के माध्यम से आज हम आपको एक ऐसे ही ऐतिहासिक चमत्कारी मंदिर का दर्शन करवाने जा रहे हैं। जहाँ लोगों की मान्यता है कि भगवती दुर्गा स्वयं सशरीर विराजमान है। भक्तों हम बात कर रहे हैं मवई माता मंदिर अमेठी की ! मंदिर के बारे में: भक्तों मवई माता मंदिर अमेठी जिला मुख्यालय गौरीगंज के पूर्व दिशा में तीन किमी दूर जेठू मवई गाँव में स्थित है. रायबरेली-सुल्तानपुर मार्ग पर माता मवई धाम का प्रवेश द्वार बना हुआ हैं। प्रवेश द्वार से एक किमी दूर गांव के अंदर मां का भव्य मंदिर बना हुआ हैं। जो राजमार्ग से स्पष्ट दिखाई देता हैं। मंदिर का इतिहास: भक्तों गौरीगंज अमेठी के मवई माता मंदिर का इतिहास कोई बहुत पुराना नहीं है. आज से 50 वर्ष पूर्व इस मंदिर का कोई अस्तित्व नहीं था. इस मंदिर का अस्तित्व यहाँ तब से है जब वर्ष 1972 में इसी गौरीगंज के निवासी श्री राम्बख्स सिंह की धर्म परायण पत्नी श्रीमती मालती सिंह को स्वप्न में माता दुर्गा ने दर्शन दिया और उस स्थान पर भव्य दुर्गा मंदिर बनवाने का आदेश दिया जहां मालती सिंह अपने कुल देवता की पूजा किया करती थीं। इसके बाद मालती सिंह ने अपना कच्चा घर गिरवाकर मंदिर का निर्माण शुरू करवा दिया। वर्ष 1973 में भक्तों के सहयोग से उसी स्थान पर माता जी भव्य एवं विशाल मंदिर तैयार हो गया। इसका नाम माता मवई धाम रखा गया। मां दुर्गा की सेविका के रूप में मालती देवी लोगों के दुख दूर करने लगी। लोगों को लाभ हुआ तो उनकी ख्याति दूर-दूर तक फैलने लगी। मालती सिंह हुईं मवई माता: भक्तों धीरे-धीरे आसपास के लोग कष्ट निवारण के लिए मां के दरबार में पहुंचने लगे। धीरे धीरे मालती सिंह भक्तों के बीच मवई माता के नाम से प्रसिद्द हो गयीं. अब तो इस मंदिर की प्रसिद्धि देश के बड़े बड़े महानगरों तक पहुँच चुकी है. कलकत्ता और मुंबई के बड़े-बड़े व्यवसायी भी मां के दर्शन के लिए मवई गांव आने लगे हैं। मंदिर का गर्भगृह: भक्तों मवई माता मंदिर का गर्भगृह प्रमुख देवता के रूप में माँ भगवती दुर्गा मंदिर गर्भगृह में मां दुर्गा की संगमरमर की नयनाभिराम, मनमोहिनी और जीवंत मूर्ति विराजमान है. मंदिर परिसर: भक्तों मवई माता मंदिर परिसर में प्रमुख मंदिर तो मवई यानि दुर्गा माता का है। मवई माता मंदिर के अलावा इस परिसर में अन्य देवी देवताओं की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं. मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही प्रमुख मंदिर के ठीक दाहिने तरफ सर्वप्रथम आपको भगवान शिव के मंदिर के दर्शन होते हैं तत्पश्चात भैरव जी, श्री राधाकृष्ण जी और श्री सीताराम जी के दर्शन होते हैं. मंदिर के सामने दक्षिण पूर्व भाग में श्री हनुमान जी की भव्य मूर्ति के दर्शन होते हैं. पूर्णमासी मेला: भक्तों मवई माता मंदिर में प्रत्येक माह की पूर्णमासी को विशाल मेला लगता है, जिसमें शामिल होने के लिए केवल अमेठी जनपद के लोग नहीं बल्कि आसपास के अनेकों जिलों और जनपदों से हजारों हज़ार लोग यहाँ पहुँचते हैं, पहुंचकर माँ का दर्शन पूजन करते हैं। हज़ारों श्रद्धालु माँ का दर्शन पूजन कर, श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं, भोग नैवेद्य चढ़ाते हैं, बच्चों का मुंडन कराते हैं तथा माँ को ध्वजा, नारियल, चुनरी और घंटियाँ चढ़ाकर माँ का आशीर्वाद आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नवरात्रि उत्सव: भक्तों हर माता मंदिर की तरह मवई माता मंदिर में नवरात्रि का उत्सव बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि के दौरान पूरा मंदिर दुल्हन की तरह सजाया जाता है जिसकी शोभा देखते ही बनती है। नवरात्रि के दौरान माँ की पूजा अर्चना के साथ माँ का श्रृंगार भी अलौकिक होता है। नवरात्रि में तो यहाँ माँ के दर्शन के लिए भक्तों का श्रद्धालुओं और भक्तों का विशाल जन सागर उमड़ पड़ता है। नवरात्रि के पूरे नौ दिन यहाँ भक्तों द्वारा निरंतर हवन-पूजन, यज्ञ-अनुष्ठान, कीर्तन भजन और सप्तशती पाठ के कार्यक्रम किये जाते हैं, कुछ लोग अपने बच्चों का मुंडन, कर्ण छेदन संस्कार जैसे मांगलिक कार्य भी सम्पन्न करते हैं। हर घर में भक्तों का डेरा: भक्तों नवरात्रों में जेठू मवई गांव के प्रत्येक घर में दूर दराज से आने वाले भक्तों का डेरा रहता हैं। दर्शन के लिए सुबह-शाम भक्तों की लंबी लाइन लगती हैं। मवई माता का दिव्य दरबार: भक्तों मवई माता मंदिर में आरती के बाद भक्तों को प्रसाद का वितरित किया जाता हैं. इसके पश्चात् मवई माता का दिव्य दरबार लगता है. इस दरबार में मवई माता के नाम से प्रसिद्ध मालती सिंह पर दुर्गा माता की सवारी आती है. वो अपने भक्तों की समस्याएं सुनती हैं और लोगों की समस्याओं का निराकरण करती हैं। आसपास के पर्यटन स्थल: भक्तों अगर आप मवई माता मंदिर अमेठी जाने का प्लान बना रहे है तो अमेठी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शनिदेव मंदिर, भक्ति धाम, घूमेश्वर नाथ धाम (घुइसर -नाथ धाम), नन्दमहार धाम, बेल्हा देवी धाम, ज्वाला माता मंदिर, चंडीकन माता मंदिर, दुर्गन धाम मंदिर और लोधी बाबा मंदिर जैसे प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल भी हैं जहाँ जाकर आप अपनी अमेठी की यात्रा सार्थक बना सकते हैं। Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. #devotional #temple #matamawaidham #maadurga #uttarpradesh #hinduism #travel #vlog