У нас вы можете посмотреть бесплатно संविदा–निविदा का अंत कब ? सरकारी दफ्तर, लेकिन गुलामी ! स्थायी कर्मचारी vs आउटसोर्स सच्चाई सच्चाई или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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7,000–₹10,000 की नौकरी, बढ़ती महँगाई और अनिश्चित भविष्य… संविदा, निविदा और आउटसोर्स कर्मचारी आज भी उम्मीद के सहारे काम कर रहे हैं। हम कम वेतन में भी इसलिए टिके हैं क्योंकि विश्वास है कि कभी न कभी न्याय मिलेगा। इस वीडियो में आप जानेंगे👇 ✔ आउटसोर्स सिस्टम की असली सच्चाई ✔ समान काम – समान वेतन का सवाल ✔ संविधान क्या कहता है कर्मचारियों के अधिकारों पर ✔ हम सबको मिलकर क्या करना चाहिए ✔ आंदोलन और एकजुटता क्यों ज़रूरी है अगर कोई हमारे हक़ के लिए आवाज़ उठा रहा है, प्रयास कर रहा है, तो उसे कमजोर नहीं बल्कि उसका हौसला बढ़ाना हमारा फ़र्ज़ है। यही सोच आज संघर्ष है, और यही कल बदलाव बनेगी। ✊ उम्मीद ज़िंदा रखिए, संघर्ष जारी रखिए। 🔔 अपील 👉 वीडियो को Like करें 👉 ज़्यादा से ज़्यादा Share करें 👉 अपने विचार Comment में लिखें 👉 चैनल को Subscribe करें ताकि आवाज़ और मज़बूत हो #संविदा_कर्मचारी #निविदा_कर्मचारी #आउटसोर्स_कर्मचारी #समान_काम_समान_वेतन #EmployeeRights #LabourRights #OutsourceSystem #ContractEmployees #StruggleForJustice #GKSocialExpress