У нас вы можете посмотреть бесплатно शिवजी की बारात चली, गूंजे जयकार | डमरू बाजे बम बम भोले | Shiv Barat Bhajan 2026 | Devotional Bhajan или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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#ShivBarat #ShivVivah #HarHarMahadev #BamBamBhole #ShivBhajan #Mahadev #Bholenath #OmNamahShivaya #ShivParvati #Bhakti #DevotionalSongs #Mahashivratri #Kailashpati #ShivJiKiBarat🔱 शिवजी की पावन बारात | हर हर महादेव 🔱 इस दिव्य भजन में भगवान Shiva की अद्भुत बारात का मनोहारी वर्णन है। नंदी आगे-आगे चल रहे हैं, भूत-प्रेत और गण नाच रहे हैं, साधु-संत "ॐ नमः शिवाय" का जाप कर रहे हैं। माता Parvati अपने मैके में सजी-धजी प्रभु का इंतजार कर रही हैं। डमरू की गूंज, शंखनाद और देवताओं की पुष्पवृष्टि से सारा वातावरण शिवमय हो उठता है। ✨ Experience the divine wedding procession of Lord Shiva filled with devotion, celebration, and spiritual energy. 🙏 Like, Share & Subscribe for more Shiv Bhajans and devotional songs. Lyrics : Debjeet शिवजी की बारात चली, गूंजे नभ में जयकार, साथ चले नंदी, भूत-प्रेत, साधु संत अपार। गौरा मैके में राह निहारे, सजनी का सिंगार, कब आएंगे प्रभु मेरे, बोले मन बारंबार॥ [ अंतरा 1 ] डमरू बजे दम-दम, त्रिशूल चमके हाथ, जटा से बहे गंगाधारा, जगमग करे आकाश। कैलाश से निकले भोले, लेकर प्रेम अपार, गौरा मैके में राह निहारे, कब होंगे सिंगार॥ [ मुक्तड़ा दोहराएँ ] शिवजी की बारात चली, गूंजे नभ में जयकार... [ अंतरा 2 ] नंदी आगे-आगे चले, बजते शंख हजार, भूत-प्रेत संग नाच रहे, जय भोले की पुकार। देव गणों ने फूल बरसाए, सजा दिया संसार, गौरा मैके में दीप जलाए, करती इंतजार॥ [ मुक्तड़ा दोहराएँ ] शिवजी की बारात चली, गूंजे नभ में जयकार... [ अंतरा 3 ] साधु-संत भजन गा रहे, "ॐ नमः शिवाय", नारद वीणा छेड़ रहे, मंगल ध्वनि छाय। ब्रह्मा-विष्णु हर्षित होकर, देखें शुभ दरबार, गौरा का मन अधीर हुआ, सुनकर डमरू तार॥ [ मुक्तड़ा दोहराएँ ] शिवजी की बारात चली, गूंजे नभ में जयकार... [ अंतरा 4 ] चंद्र सुशोभित मस्तक पर, सर्प बने श्रृंगार, रुद्र रूप में दूल्हा सजे, अद्भुत छवि अपार। माता मैना चिंतित बैठी, देखें बारंबार, कैसे होंगे शिव शंकर, कैसा होगा व्यवहार॥ [ मुक्तड़ा दोहराएँ ] शिवजी की बारात चली, गूंजे नभ में जयकार... [ अंतरा 5 ] आई बारात द्वार पे जब, गूंजा मंगल गान, हर्षित हुईं गौरा अति, पाकर अपने प्राण। भूत-प्रेत भी हर्षित होकर, करने लगे सत्कार, शिव-गौरा का विवाह हुआ, धन्य हुआ संसार॥ [ मुक्तड़ा दोहराएँ ] शिवजी की बारात चली, गूंजे नभ में जयकार, साथ चले नंदी, भूत-प्रेत, साधु संत अपार। गौरा मैके में राह निहारे, सजनी का सिंगार, कब आएंगे प्रभु मेरे, बोले मन बारंबार॥