У нас вы можете посмотреть бесплатно दुर्योधन का आत्मविश्वास | भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 8 | Gita Adhyay 1 Shlok 8 Explained или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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इस वीडियो में हम भगवद्गीता के प्रथम अध्याय के श्लोक 8 को एक नाटकीय स्क्रिप्ट के माध्यम से समझते हैं। यह श्लोक दुर्योधन के मन की स्थिति को दर्शाता है, जहाँ वह अपने गुरु द्रोणाचार्य को अपनी सेना के महान योद्धाओं—भीष्म, कर्ण, कृपाचार्य, अश्वत्थामा—के बारे में बताते हुए अपना आत्मविश्वास प्रकट करता है। लेकिन क्या यह आत्मविश्वास भीतर से निश्चिंत है? या यह अधर्म के पथ पर खड़े मन की छिपी हुई बेचैनी है? 🔸 इस वीडियो में आप जानेंगे: • गीता अध्याय 1 श्लोक 8 का भावार्थ • दुर्योधन के शब्दों के पीछे का मनोविज्ञान • महाभारत के युद्ध से मिलने वाली सीख 📖 श्लोक: भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिञ्जयः… 🙏 यदि आपको यह प्रस्तुति पसंद आए तो Like, Share और Subscribe करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण 🚩