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भारत के वायसराय | Modern History | GS मंथन | UPSC | SSC | UPPSC | Mains | Pre | Railway | BPSC इस वीडियो में हम भारत के वायसरायों (Viceroys of India) का विस्तृत और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन करेंगे। आधुनिक भारतीय इतिहास (Modern Indian History) की तैयारी करने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए यह टॉपिक अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि UPSC, UPPSC, BPSC, SSC, Railway, State PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गवर्नर जनरल और वायसराय से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। भारत में वायसराय पद की स्थापना 1858 के भारत शासन अधिनियम (Government of India Act 1858) के बाद हुई। 1857 के विद्रोह के पश्चात ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया और भारत सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन आ गया। इसके बाद भारत में जो सर्वोच्च ब्रिटिश प्रतिनिधि नियुक्त किया गया, उसे वायसराय कहा गया। सबसे पहले वायसराय थे लॉर्ड कैनिंग (1858–1862)। इनके समय 1858 का अधिनियम लागू हुआ, 1861 का भारतीय परिषद अधिनियम आया और प्रशासनिक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हुई। परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है कि 1857 के विद्रोह के समय गवर्नर जनरल कौन था और 1858 के बाद पहला वायसराय कौन बना — इन दोनों का उत्तर लॉर्ड कैनिंग ही है। लॉर्ड लिटन (1876–1880) का कार्यकाल भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनके समय 1876 का शाही उपाधि अधिनियम (Queen Victoria declared Empress of India), 1878 का वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट तथा 1878 का आर्म्स एक्ट लागू किया गया। लिटन की नीतियाँ दमनकारी मानी जाती हैं, इसलिए राष्ट्रवादी इतिहास में इनका उल्लेख विशेष रूप से किया जाता है। लॉर्ड रिपन (1880–1884) को भारतीयों का प्रिय वायसराय कहा जाता है। इनके समय 1882 का स्थानीय स्वशासन अधिनियम लागू हुआ, जिसे भारतीय स्थानीय स्वशासन की शुरुआत माना जाता है। 1882 का हंटर आयोग (शिक्षा सुधार) भी रिपन के काल में गठित हुआ। परीक्षा में “स्थानीय स्वशासन का जनक” प्रश्न आए तो उत्तर होगा – लॉर्ड रिपन। लॉर्ड कर्जन (1899–1905) का काल भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। 1905 का बंगाल विभाजन इन्हीं के समय हुआ, जिसने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को नई दिशा दी। 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम तथा पुरातत्व विभाग का सुदृढ़ीकरण भी कर्जन के समय हुआ। बंगाल विभाजन के कारण स्वदेशी आंदोलन प्रारंभ हुआ, जो आधुनिक भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में मील का पत्थर है। लॉर्ड मिंटो द्वितीय (1905–1910) के समय 1909 का भारतीय परिषद अधिनियम (मॉर्ले-मिंटो सुधार) आया, जिसमें पृथक निर्वाचन की व्यवस्था की गई। यह भारतीय राजनीति में सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की शुरुआत थी, जो आगे चलकर गंभीर परिणामों का कारण बनी। लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (1910–1916) के समय 1911 में बंगाल विभाजन रद्द हुआ और राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित किया गया। यह प्रश्न भी प्रीलिम्स में अक्सर पूछा जाता है। लॉर्ड चेम्सफोर्ड (1916–1921) के समय 1919 का भारत शासन अधिनियम (Montagu-Chelmsford Reforms) लागू हुआ। इसी काल में रॉलेट एक्ट और जलियांवाला बाग हत्याकांड जैसी घटनाएँ हुईं, जिन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन को उग्र बना दिया। लॉर्ड इरविन (1926–1931) के समय सविनय अवज्ञा आंदोलन और गांधी-इरविन समझौता हुआ। वहीं लॉर्ड विलिंगडन (1931–1936) के समय सविनय अवज्ञा आंदोलन का दूसरा चरण चला। लॉर्ड लिनलिथगो (1936–1943) का कार्यकाल सबसे लंबा था। इनके समय 1935 का भारत शासन अधिनियम लागू हुआ और द्वितीय विश्व युद्ध की घोषणा भारत की ओर से बिना भारतीयों की सहमति के कर दी गई। लॉर्ड वेवेल (1943–1947) के समय वेवेल योजना और शिमला सम्मेलन हुआ। अंततः लॉर्ड माउंटबेटन (1947) भारत के अंतिम वायसराय बने, जिनके समय 1947 का भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम लागू हुआ और भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। इस वीडियो में हम सभी वायसरायों को ट्रिक और शॉर्ट नोट्स के माध्यम से समझेंगे, ताकि प्रीलिम्स में तथ्यात्मक प्रश्न और मेंस में विश्लेषणात्मक उत्तर दोनों में आप बेहतर प्रदर्शन कर सकें। साथ ही, महत्वपूर्ण अधिनियम, आयोग, आंदोलन और उनके आपसी संबंधों को भी स्पष्ट किया जाएगा। यदि आप Modern History की मजबूत तैयारी करना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक अवश्य देखें। चैनल को सब्सक्राइब करें और GS मंथन परिवार से जुड़ें, ताकि आपको नियमित रूप से UPSC, UPPSC, BPSC, SSC, Railway और अन्य परीक्षाओं के लिए उपयोगी कंटेंट मिलता रहे। भारत के वायसराय Governor General and Viceroy Modern Indian History British India Administration Government of India Act 1858 Indian Councils Act 1861 Vernacular Press Act 1878 Local Self Government 1882 Partition of Bengal 1905 Morley Minto Reforms 1909 Capital Shift to Delhi 1911 Montagu Chelmsford Reforms 1919 Government of India Act 1935 Indian Independence Act 1947 UPSC Modern History Notes UPPSC History तैयारी SSC CGL History Railway Group D History BPSC Modern History भारत के वायसराय, Governor General of India, Viceroy of India list, Modern History notes, British India history, UPSC history, UPPSC history, BPSC history, SSC CGL history, Railway exam history, 1858 act, Indian councils act 1861, vernacular press act 1878, lord lytton, lord ripon, lord curzon, partition of bengal 1905, morley minto reforms 1909, montagu chelmsford reforms 1919, govt of india act 1935, indian independence act 1947, modern history for prelims, mains history answer writing