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संथाल डायरी- बिरसा हरित ग्राम योजना से लाभान्वित होते ग्रामीण, ग्राम- दशरथपुर, जामताड़ा | DD JHARKHAND DD Jharkhand की विशेष प्रस्तुति “संथाल डायरी” के इस अंक में हम जामताड़ा जिले के ग्राम दशरथपुर के ग्रामीणों की उस प्रेरक कहानी को दिखा रहे हैं, जो बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से हरियाली और आजीविका दोनों को मजबूत कर रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित किया गया और उन्हें बागवानी के फायदे समझाए गए, जिससे खेती के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ फलदार और व्यावसायिक पौधों की ओर भी उनका रुझान बढ़ा। कार्यक्रम में बताया गया है कि इस योजना के तहत ग्रामीण कटहल, नींबू, आम, सागवान सहित कई प्रकार के पौधे लगा रहे हैं। साथ ही सब्जी उत्पादन जैसे मिर्च, टमाटर आदि की खेती से उनकी आमदनी में भी वृद्धि हो रही है। विभाग और प्रखंड स्तर से किसानों को पौधे, खाद और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही गाँव में स्थायी पौधशाला (नर्सरी) का रख-रखाव किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर पौधे उपलब्ध हो सकें और रोजगार के अवसर भी पैदा हों। इस योजना से केवल आय ही नहीं बढ़ रही, बल्कि मिट्टी के कटाव को रोकने में भी मदद मिल रही है। वृक्षारोपण से भूमि की पकड़ मजबूत होती है और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। पेड़-पौधे वातावरण को शुद्ध करते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ गाँव का प्राकृतिक सौंदर्य भी बढ़ता है। यह योजना 5 वर्षों की अवधि की है, जिसके अंतर्गत लगभग साढ़े चार लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक उनकी देखभाल कर उन्हें स्थायी आय का स्रोत बनाना है। ग्रामीणों से बातचीत में सामने आया कि पहले जहाँ खेती केवल अनाज तक सीमित थी, वहीं अब बागवानी और फल उत्पादन से उन्हें बेहतर लाभ मिल रहा है। “संथाल डायरी” यह दर्शाता है कि बिरसा हरित ग्राम योजना जैसे प्रयास किस तरह ग्रामीण जीवन में बदलाव ला रहे हैं। हरियाली बढ़ने से गाँव का वातावरण स्वच्छ हो रहा है, मिट्टी का कटाव रुक रहा है, और किसानों को स्थायी आजीविका मिल रही है। यह कार्यक्रम झारखंड सरकार की योजनाओं के प्रभाव और ग्रामीण विकास की दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाता है। यह पहल आत्मनिर्भर किसान और हरित झारखंड की परिकल्पना को साकार करने की ओर एक मजबूत कदम है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से इन बातों की विसरतीत चर्चा है- DD Jharkhand का ग्रामीण विकास आधारित कार्यक्रम “संथाल डायरी” बिरसा हरित ग्राम योजना से लाभान्वित ग्रामीण ग्राम – दशरथपुर, जिला – जामताड़ा पौधरोपण के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहन बागवानी के फायदे समझाए गए कटहल, नींबू, आम, सागवान की खेती मिर्च, टमाटर जैसी सब्जियों का उत्पादन ब्लॉक व विभाग से पौधा और खाद की सुविधा स्थायी पौधशाला (नर्सरी) का मेंटेनेंस 5 वर्षों की योजना अवधि लगभग साढ़े 4 लाख रुपये की सहायता किसानों की आय में वृद्धि मिट्टी के कटाव पर रोक वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण हरियाली और जल संरक्षण को बढ़ावा ग्रामीण रोजगार सृजन आत्मनिर्भर किसान की ओर कदम झारखंड सरकार की हरित पहल santhal diary dd jharkhand birsa harit gram yojana rural development jharkhand horticulture scheme jharkhand tree plantation scheme fruit farming jharkhand vegetable farming jharkhand farmer income scheme environment protection village green village scheme jharkhand agriculture program dd jharkhand program gram dashrathpur jamtara #santhaldiary #ddjharkhand #birsaharitgramyojana #ruraldevelopment #horticulture #treeplantation #farmerempowerment #greenjharkhand #agriculturedevelopment #environmentprotection #fruitfarming #vegetablefarming #sustainablefarming #jharkhandvillages #ddjharkhand #wavesott #ddnational