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निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat Mission) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का प्रत्येक बच्चा कक्षा 3 की समाप्ति तक पढ़ने, लिखने और अंकगणित में बुनियादी दक्षता प्राप्त कर ले। यहाँ इस मिशन के प्रमुख पहलुओं की जानकारी दी गई है: 1. मिशन का पूरा नाम और परिचय • पूरा नाम: National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy (संख्यात्मकता के साथ पठन में प्रवीणता के लिए राष्ट्रीय पहल)। • शुरुआत: इसकी शुरुआत शिक्षा मंत्रालय द्वारा 5 जुलाई 2021 को की गई थी। • आधार: यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सफल कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2. मुख्य लक्ष्य (Targets) इस मिशन का सबसे बड़ा लक्ष्य 2026-27 तक प्राथमिक कक्षाओं में सार्वभौमिक बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) प्राप्त करना है। इसके कुछ विशिष्ट बिंदु इस प्रकार हैं: • बालवाटिका: 5-6 वर्ष की आयु के बच्चों में अक्षरों और संख्याओं की पहचान विकसित करना। • कक्षा 1: कम से कम 4-5 सरल शब्दों वाले वाक्य पढ़ना। • कक्षा 2: 45-60 शब्द प्रति मिनट की गति से पढ़ना और 99 तक की संख्याओं का जोड़-घटाव। • कक्षा 3: कम से कम 60 शब्द प्रति मिनट की गति से पढ़ना और 999 तक की संख्याओं के गुणा-भाग की समझ। 3. मिशन की प्रमुख विशेषताएँ • FLN पर ध्यान: आधारभूत साक्षरता (Literacy) और संख्यात्मकता (Numeracy) पर केंद्रित। • सीखने का आकलन: बच्चों की प्रगति को ट्रैक करने के लिए स्कूल-आधारित मूल्यांकन। • शिक्षकों की भूमिका: 'निष्ठा' (NISHTHA) प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों के लिए तैयार करना। • मातृभाषा को प्राथमिकता: बच्चों को उनकी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाने पर जोर, ताकि वे अवधारणाओं को बेहतर समझ सकें। 4. कार्यान्वयन तंत्र निपुण भारत मिशन का कार्यान्वयन पाँच स्तरों पर किया जा रहा है: 1. राष्ट्रीय स्तर 2. राज्य स्तर 3. जिला स्तर 4. ब्लॉक स्तर 5. स्कूल स्तर