У нас вы можете посмотреть бесплатно ग़िरह ।। कथाकार : अरुणा सब्बरवाल।।Gireh।। Story by Aruna sabbarwal ।। Audio story , Hindi kahani или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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#Gireh #arunasabbarwalkikahani #hindistory #hindikahani #hindikahaniyan #audiostories @aajsuniyekahani3285 अरुण सब्बरवाल एक प्रतिष्ठित भारतीय प्रवासी हिंदी लेखिका है ।जो वर्तमान में लंदन में निवास करती हैं । उनका जन्म 18 अगस्त 1946 में दिल्ली में हुआ । शिक्षा भारत और इंग्लैंड में प्राप्त करने के बाद उन्होंने लंबे समय तक ब्रिटेन में अध्यापन किया तथा स्पेशल एजुकेशनल नीड्स के क्षेत्र में भी योगदान दिया। वे अपने शिक्षक के बाद पूर्ण कला साहित्य सृजन लेखन और चित्रकला को समर्पित है अरुण जी की साहित्यिक यात्रा औपचारिक रूप से सन् २००८ के आस पास शुरू हुई। उनकी पहली प्रकाशित कहानी वे चार पराठे नया ज्ञानोदय में छपी। और उसे पाठकों तथा आलोचकों से खासी सराहना मिली। प्रमुख कृतियां कहा --अनकहा ,उडारी ,वे चार पराठे ( कहानी संग्रह) सांसों की सरगम , बाटेंगे चंद्रमा ( कविता संग्रह) अरुण जी को उनकी साहित्यिक सेवा के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया गया। साहित्यिक संस्कृत परिषद मेरठ 2008 अक्षरम 7वाँ अंतरराष्ट्रीय हिंदी उत्सव 2008 लंदन उच्च योग द्वारा मान पत्र