У нас вы можете посмотреть бесплатно सुनते ही जागृत होंगी माँ काली की अद्भुत शक्तियाँ! | यह दिव्य स्तुति बदल देगी आपका भाग्य 🔱 или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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इस अद्भुत माँ काली स्तुति में उनकी करुणा, उग्रता और मातृरूप की दिव्य महिमा का वर्णन है। जो भी श्रद्धा से इस स्तुति का पाठ या श्रवण करता है, उसके जीवन के संकट, भय और बाधाएँ नष्ट हो जाती हैं। माँ काली अज्ञान का नाश कर भक्ति, शक्ति और विजय प्रदान करती हैं। एक बार अवश्य सुनें और माँ की कृपा प्राप्त करें। 🔥🙏 #MaaKali #KaliStuti #Mahakali #Shakti #DeviMantra #HinduDevotional #SpiritualPower #Bhakti #SanatanDharma #divinechanting ॐ नमः कालिकायै। जयति जयति काली करालवदना, श्यामलाङ्गी शशिधरमौलिविभूषिता। दिगम्बरि खड्गकरा रक्तनेत्रा, भक्तजनाश्रयदायिनी मातः नमामि त्वाम्॥ श्मशानवासिनि, मुण्डमालालङ्कृता, रक्ताम्बरधारिणि भीषणरूपिणि। त्वं कालरात्रिः परमा पराशक्तिः, सृष्टिस्थितिलयकारिणि नमोऽस्तु ते॥ त्वमेव दुर्गा त्वमेव भवानी, त्वमेव जगन्माता विश्वजननी। त्वमेव आद्या शक्तिः सनातनी, त्वमेव परा ब्रह्मस्वरूपिणी॥ त्वदीयपादाम्बुजसेवनरताः, भवन्ति धन्या भुवि मानवाः। भयेषु घोरेषु त्वं शरण्ये, त्राहि मां कालिके अम्बिके॥ खड्गेन छिन्धि मम दुरितपाशान्, छिन्धि अहंकारं मोहजालम्। दीपय ज्ञानप्रदीपं हृदये, प्रसीद प्रसीद करुणामये॥ रक्तवर्णे भास्वरि चण्डिके, महिषासुरमर्दिनि दुर्धरे। त्वं कालस्यापि कालरूपा, भक्तहृदयवासिनि नमामि त्वाम्॥ कपालिनी चामुण्डे चण्डघण्टा, भद्रकाली शिवाराधिता। त्वं मातङ्गी त्वं तारिणी, त्रैलोक्यपालिनि नमो नमः॥ त्वदीयकृपया निर्भयोऽहम्, त्वदीयबलात् विजयी भवामि। त्वदीयदृष्ट्या पावितोऽहम्, त्वमेव शरणं मम देवि॥ दुष्टदलनकारिणि कालिके, रक्ष रक्ष मां सर्वदा। संकटसमये त्वं स्मृता, भवसागरात् तारय मां॥ त्वमेव शक्ति: शिवस्य हृदये, त्वमेव जीवनस्पन्दनम्। त्वमेव भक्ति: त्वमेव मुक्ति:, त्वमेव सर्वं मम जीवनम्॥ अज्ञानतमः हर प्रचण्डे, विकसतु मे चित्तपद्मम्। सद्भक्तिं देहि दृढां मयि, त्वत्पादे नित्यं समर्पितः॥ जय जय हे महाकालिके, जय जय जगदम्बिके। त्वदीयनामस्मरणेन नित्यं, सर्वसिद्धिः प्रजायते॥ नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः। नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम्॥ ॐ क्रीं कालिकायै नमः। ॐ क्रीं कालिकायै नमः। ॐ क्रीं कालिकायै नमः॥