У нас вы можете посмотреть бесплатно ऋभुप्रोक्तं एकत्वनिरूपणम् | आध्यात्मिक अनुभूति और विकास के लिए नित्य सुने | Somvar Bhakti | или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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ऋभु गीता के ऋभु प्रोक्तं एकत्वनिरूपणम् (अद्वैत सिद्धांत पर आधारित) का पाठ या मनन आध्यात्मिक साधकों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं: ब्रह्म-साक्षात्कार (Self-Realization): इसके निरंतर अभ्यास और श्रवण से साधक को स्वयं के ब्रह्म होने का अनुभव होता है। समाधि के समान फल: श्री रमण महर्षि के अनुसार, ऋभु गीता का पाठ स्वयं में समाधि के समान है और यह सत्य के सीधे अनुभव (Direct Perception) में सहायक है। मानसिक शांति और निर्विचार अवस्था: यह मन के संकल्पों और विकल्पों को शांत कर उसे 'निर्विचार' (Thought-free) अवस्था में लाने में मदद करता है। पापों का नाश: मान्यता है कि यदि कोई महान पापी भी इस उपदेश को पूरी श्रद्धा से सुनता है, तो वह समस्त पापों से मुक्त होकर ब्रह्म-पद को प्राप्त करता है। भय और द्वैत से मुक्ति: यह बोध कराता है कि आत्मा के अतिरिक्त कुछ भी अस्तित्व में नहीं है, जिससे जन्म-मरण के भय और द्वैत (Duality) के भ्रम का नाश होता है। सहज मुक्ति (Moksha): इस ग्रंथ का दावा है कि इसके अध्यायों का पाठ मात्र ही पाठक को इसी जीवन में मुक्ति प्रदान करने में सक्षम है। सांसारिक सुखों से विरक्ति: यह साधक में वैराग्य उत्पन्न करता है और उसे सांसारिक दुःख-सुख से ऊपर उठाकर अनंत आनंद (Bliss) की स्थिति में स्थापित करता है #ribhuproktamekatmnirupanam #shivstotra #spirituality #spiiritualprogress #onenesswithgod #mahadev #shivbhakti #shivshivshivshiv #omnamahshivaya #sanskrit #sanskar #sanskriti #sanatandharm #sanatanhindudharm #peacefulstotra #mustlisten