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#रात_2_बजे_की_ऊपरी_पराई_आवाज़ें #harshvarrdhanjain It is not impossible for the one who has the knowledge of his own vastness to conquer the world; rather he is called the best conqueror, the best guide and plays the role of the best Guru. जब कभी अंतःमन भ्रमित हो जाए, हताशा के बादल छा जाएं, दुविधाओं का अंधेरा छा जाए, चिंता के सागर उमड़ जाएं और भावनाओं की सुनामी उफन जाए; तब उत्साह के पहाड़ को जगाने की आवश्यकता होती है क्योंकि डर को सिर्फ उत्साह के हिमालय से जीता जा सकता है। जो व्यक्ति अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने की कला और अपने मन को निर्देशित करने की कला सीख लेता है, वह व्यक्ति ब्रह्मांड को जीत लेता है क्योंकि ब्रह्मांड हमसे ही शुरू होता है और हम पर ही समाप्त होता है। ब्रह्मांड हमारे शरीर से नहीं, बल्कि, आत्मा की जागृति से शुरू होता है। आध्यात्मिक व्यक्ति अपनी आत्मशक्ति को जग़ाकर ब्रह्मांड से जुड़ जाता है और अपने अनंत स्वरूप को पहचान लेता है क्योंकि हमारी आत्मा ब्रह्मांड का ही सूक्ष्म रूप होती है। जो व्यक्ति अपनी आत्मा को जगा देता है, परमात्मा को उसे ढूंढना नहीं पड़ता है। परमात्म शक्ति सदैव उस व्यक्ति के साथ-साथ चलती है। विद्वान व्यक्ति सिर्फ अपनी आत्मा की आवाज सुनते हैं और बाहरी आवाजों को सुनते से इनकार कर देते हैं। उनकी यह आदत उन्हें स्वयं को जानने का अवसर देती है। जो व्यक्ति स्वयं को जान लेता है, वह बाहरी किसी भी तरह के लोभ, लालच और ईर्ष्या द्वेष से दूर हो जाता है क्योंकि ज्ञान से ही अंधकार का नाश होता है। जो व्यक्ति सर्वोच्च ज्ञान को प्राप्त कर लेता है, उसके सामने किसी भी तरह का भौतिक लोभ लालच टिक नहीं पाता है; बल्कि भौतिक लोभ लालच अपने घुटने टेक देता है। लोभ, लालच और ईर्ष्या द्वेष सामान्य व्यक्तियों के लक्षण होते हैं। लेकिन जो असाधारण व्यक्ति होते हैं, उनके जीवन में लालच की परछाई भी टिक नहीं पाती है क्योंकि उनका संयम सर्वोच्च स्तर पर भ्रमण करता है। इसलिए यदि करना ही चाहते हो तो अपने आध्यात्मिक और बौद्धिक स्तर को बढ़ाने का प्रयास करें, जिससे समस्त प्रकार के अंधकारमय अवगुणों का नाश हो जाता है और सर्वश्रेष्ठ आदतों वाले चरित्र का निर्माण होता है। यही चरित्र सर्वश्रेष्ठ भविष्य का स्वरूप धारण करता है। जिसे स्वयं की विशालता का ज्ञान होता है, उसके लिए दुनिया जीतना असंभव नहीं होता है; बल्कि वह सर्वश्रेष्ठ विजेता कहलाता है, सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक कहलाता है और सर्वश्रेष्ठ गुरु की भूमिका निभाता है। जो व्यक्ति अपनी समस्त इंद्रियों को जीत लेता है, उसके समक्ष सभी प्रकार के डर, चिंता इत्यादि भ्रमित करने वाली भावनाओं के जाल से मुक्त हो जाता है। इसलिए यदि जीतना चाहते हो पूरी दुनिया को, तो स्वयं को जीतो। यदि चमकना चाहते हो पूरी दुनिया में, तो स्वयं को चमकाओ और यदि भविष्य के आसमान पर छा जाना चाहते हो, तो स्वयं को तराशकर एक ऐसी मूर्ति बना दो, जो लोगों के लिए आकर्षक सपनों का प्रतिबिंब बन जाए। जिससे आपकी सफलता सुगंध के समान सभी को प्रसन्नचित्त कर देगी। यदि भ्रम की स्थिति लगातार आपके जीवन में बनी हुई है, तो अपनी भूमिका को स्पष्ट करें क्योंकि भूमिका अपना मार्ग स्वयं बनाती है। महान लोगों ने सिर्फ अपनी सर्वश्रेष्ठ भूमिका को मूर्तिरूप दिया और उनकी भूमिका ने सर्वश्रेष्ठ भविष्य रूपी संसार का निर्माण किया। FOR TRAINING CONTACT US: 📧 Email: highcaliberindia@gmail.com 📱 Mobile: 📞 1️⃣ +91-7690030010 📞 2️⃣ +91-8306653253 📞 3️⃣ +91-8824183845 ------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Connect with Mr. Harshvarrdhan Jain : 🌎 Website: www.harshvarrdhanjain.com 📸 Instagram: / harshvardhanjainofficial 📱 Facebook: / harshvardhanjainofficial 📩 Telegram: https://t.me/harshvardhanjain1008 🐦 Twitter: https://x.com/crownhvj 🛄 Linked in: / harshvardhanjainofficial ------------------------------------------------------------------------------------------------------------ JOIN OUR MEMBERSHIP: 💻 Click this link to join: https://bit.ly/3M8HkMA ! आव्हान ! प्यासे का नदी से मिलना तय है | 🎥 https://bit.ly/3s5zFYA