У нас вы можете посмотреть бесплатно अर्जुन के दिव्या अस्त्र और उनकी शक्तिया/ महाभारत का शक्तिशाली योद्धा /Arjun superpower and his power или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
#RahasyamayPlanet #IndianMythology #Mahadev_ka_rudraroop #Arjun_ke_divya_Astra #Mahabharat_ka_sabse_Mahan_yodha #Arjun_kill_karn #Mahabharat #Karn_Aur_arjun_ka_yudh :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: Instagram ID - #RahasyamayPlanet Twitter ID - @RahasyamayP :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: Note - This video is imaginary and does not have any connection with any caste or religion. :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: Video Information - जब कभी हम अर्जुन का नाम लेते है तो सबसे पहले जो याद आते है वो है श्री कृष्ण । ओर उनके बाद अर्जुन के महाशक्तिशाली दिव्या अस्त्र ऐसे शक्तिशाली अस्त्र जो पूरा पृथ्वी का विनाश करने में सक्षम थैं आज हम अर्जुन के ऐसे ही चार दिव्या एस्ट्रो के बारे में जानेंगे जिसके सामने आज के युग के परमाणु वाम सायद कुछ भी नहीं है। अंजलीका अस्त्र: सबसे पहला अस्त्र है अंजलीका अस्त्र आपको बता दू इस अस्त्र को हमने इस श्रंखला में इसलिए रखा है । कयुँकि यही वो अस्त्र है जिसका प्रयोग करके अर्जुन ने महारथी कर्ण का वध किया tha ओर इस अस्त्र का प्रयोग करके लक्समन ने रावण पुत्र मेघनाथ का भी वध किया tha अंजलीका अस्त्र का निर्माण देवराज इंद्रा के द्वारा किया गया था और इस अस्त्र का ज्ञान देवराज इंद्रा ने अर्जुन को दिया tha इस अस्त्र को शत्रु विनाशक अस्त्र माना जाता है जब कोई योद्धा अपने प्रति ध्यानदी योद्धा को पाराष्ट कर देता था तब इस अस्त्र का प्रयोग करके उसका वध कर देता tha आग्नेय अस्त्र: आग्नेय अस्त्र एक विस्फोटक बाण है। यह जल के समान अग्नि बरसाकर सब कुछ भस्मीभूत कर देता है। इसका प्रतिकार पर्जन्य अस्त्र को माना जाता है अर्जुन ने इस अस्त्र का प्रयोग करके खांडव बन को भस्मी भूत किया था यह अर्जुन का सबसे ज्यादा सिद्ध किया हुआ अस्त्र था बे अपने इच्छानुसार अग्नि काम या ज्यादा प्रजलित कर सकते थे ब्रह्मास्त्र : ब्रह्मास्त्र अचूक अस्त्र है, जो शत्रु और उसके पक्ष का नाश करके ही छोड़ता है। इसका प्रतिकार दूसरे ब्रह्मास्त्र से ही हो सकता है, जहां ब्रह्मास्त्र छोड़ा जाता है वहां 12 वर्षों तक जीव-जंतु, पेड़-पौधे आदि की उत्पत्ति नहीं हो पाती।' रामायण काल में भी ब्रह्मास्त्र अस्त्र छोड़ा गया था और महाभारत काल में गुरु द्रोण ने ब्रह्मा अस्त्र अर्जुन के ख़िलाफ चलाया था उसके प्रति उत्तर में अर्जुन ने भी अपने गुरु के ब्रह्मा अस्त्र को निस्तेज करने के लिए ब्रह्मा अस्त्र चलाया था ब्रह्मास्त्र का प्रयोग महाभारत में guru dhron pitamah Vishm अर्जुन, के अलावा कर्ण जानता था। परन्तु अपने गुरु परशुराम के शाप के कारण कर्ण अपने अंत समय में इसके प्रयोग करने की विद्या भूल गया था। ब्रह्मशिरा : इसकी शक्ति ब्रह्मास्त्र से चार गुना ज्यादा थी। यह एक महाविनाशकारी अस्त्र था। ब्रह्मशिरा का अर्थ होता है ब्रह्माजी के 4 सिर। इसका प्रयोग महाभारत के युद्ध में Karn , गुरु द्रोण और अर्जुन ही जानते the। अश्वत्थामा भी इसका प्रयोग करना जानता था लेकिन वह इसको वापस लेना नहीं जानता था। युद्ध के अंत में उसने क्रोधवश यह चला दिया था। जवाब में अर्जुन ने भी अश्वत्थामा पर ब्रह्मशिरा Astra का प्रयोग कर दिया tha. परन्तु बाद में जब ऋषि मुनियों ने अर्जुन एवं अश्व्थामा को समझाया की इन दो महाविनाशकारी अस्त्रों के आपस में टकराने से पृथ्वी में प्रलय आ जाएगी तब अर्जुन ने इसे वापस ले लिया Kintu अश्वत्थामा ऐसा नहीं कर पाया और उसने इस अस्त्र को अर्जुन की पुत्रवधु उत्तरा के गर्भ की ओर मोड़ दिया tha. भगवान श्री कृष्ण को अश्वत्थामा के इस कृत्य पर बहुत क्रोध आया। उन्होंने अश्वत्थामा ko तीन हजार वर्षों tak बीमारियों के साथ भटकने का शाप दे दिया। पाशुपत अस्त्र : महादेव शिव का पाशुपत अस्त्र महाविनाशकारी अस्त्र है। इससे सम्पूर्ण विश्व का नाश कुछ ही पलो में हो सकता है। इस अस्त्र की खासियत यह है कि इसका प्रयोग केवल दुष्टों के वध के लिए ही किया जाता है अन्यथा यह अस्त्र पलटकर प्रयोग करने वाले को मार देता है। महाभारत युद्ध से पहले अर्जुन ने भगवान शिव से इसे प्राप्त किया था, शिव ने किरात अवतार लेकर पहले अर्जुन की परीक्षा ली थी, शिव पाशुपतास्त्र को आँखों, दिल या शब्दों से भी आवाहित कर सकते थे, परन्तु उन्होंने जो पाशुपतास्त्र अर्जुन को दिया था, वह पाशुपतास्त्र दिव्य तीर और धनुष के रूप में दिया था। कुछ विधव्यान मानते है की अर्जुन ने पाशुपतास्त्र से जयद्रत का वध किया था Dosto आपको इन अस्त्रो में सबसे ज्यादा शक्तिशाली अस्त्र कोण सा लगता है हमें कमेंट करके जरूर बताय ओर अगर वीडियो पसंद आये तो लाइक करे शेयर और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूले मिलते है अगले नए वीडियो में तब तक के लिए धन्यबाद। :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: ...Om hrim krim shrim aadyakalika parmeshwari swaha... ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::