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ॐ शांति 🙏 आज की 13 फरवरी 2026 प्रातः मुरली का मुख्य भाव है — ✨ “आंतरिक राजाई का महत्व” ✨ बापदादा स्पष्ट कहते हैं: “यहाँ तुम्हारा सब कुछ गुप्त है… अपनी नई राजधानी के नशे में रहना है।” इस मुरली में समझाया गया है कि सच्ची राजाई बाहरी ताज, ठाठ-बाट या प्रतिष्ठा में नहीं है। वह है — ✔ आत्मस्मृति में ✔ पवित्रता में ✔ श्रीमत पर चलने में ✔ विकारों पर विजय में 🌼 इस वीडियो में जानेंगे: 🔹 राजाई बाहरी नहीं, भीतरी अवस्था क्यों है 🔹 पाँच विकारों पर विजय ही राजतिलक की शर्त कैसे है 🔹 गुप्त तपस्या से भविष्य की विश्व-सत्ता कैसे बनती है 🔹 एक मत, एक राज्य, एक धर्म की आंतरिक एकता 🔹 कर्मातीत अवस्था – सर्वोच्च राजसी स्थिति 🌟 जब आत्मा अनुभव करती है — “मैं परमपिता की संतान हूँ, भविष्य की अटल-अखण्ड राजाई की अधिकारी हूँ” तब भीतर जो दिव्य नशा उत्पन्न होता है — वही है आंतरिक राजाई। यह वीडियो विशेष रूप से उपयोगी है: ✔ मुरली क्लास के लिए ✔ गहन आत्मचिंतन के लिए ✔ राजयोग अभ्यास के लिए ✔ सेवा की तैयारी के लिए अगर यह मुरली-सार आपको स्पर्श करे तो 👉 Like | Share | Comment | Subscribe ज़रूर करें ॐ शांति 🌸 ⏱️ YouTube Timestamps (Chapters) 00:00 – Om Shanti | Intro Music 00:45 – आज की मुरली का मुख्य भाव 02:00 – राजाई बाहरी नहीं, भीतरी अवस्था 05:00 – गुप्त तपस्या और भविष्य की विश्व-सत्ता 08:00 – पाँच विकारों पर विजय = राजतिलक 11:00 – एक मत, एक राज्य, एक धर्म 14:00 – कर्मातीत अवस्था – सर्वोच्च राजसी स्थिति 17:00 – निष्कर्ष: सच्ची राजाई भीतर स्थापित करो 18:30 – Silent Reflection | Om Shanti (आपकी स्पीच स्पीड अनुसार समय थोड़ा बदल सकता है) 🔖 YouTube Hashtags #13Feb2026Murli #PratahMurli #AntarikRajai #InnerRoyalty #Rajyog #BKMurli #GyanYogDharnaSewa #KarmateetStage #OmShanti #SpiritualRoyalty #MurliClass #DivineConsciousness