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एकादशी व्रत या गुरुवार व्रत के दिन दान-दक्षिणा करनी चाहिए या नहीं? हिंदू धर्म में व्रत केवल भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, भक्ति और पुण्य कमाने का एक साधन माना गया है। जब कोई व्यक्ति एकादशी व्रत या गुरुवार का व्रत करता है, तो उस दिन भगवान की पूजा-पाठ के साथ-साथ दान-पुण्य करना भी बहुत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार व्रत के दिन किया गया दान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देता है। एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न, फल, कपड़े या धन का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। कहा जाता है कि इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। इसी प्रकार गुरुवार का व्रत भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी, केले या गुड़ का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है। हालाँकि, दान-दक्षिणा करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह श्रद्धा और सच्चे मन से किया जाए। दिखावे के लिए किया गया दान उतना फलदायी नहीं माना जाता, जितना कि सच्चे भाव से किया गया छोटा सा दान भी होता है। इसलिए यदि आप एकादशी या गुरुवार का व्रत रखते हैं, तो अपनी क्षमता के अनुसार दान-दक्षिणा करना बहुत ही शुभ और पुण्यदायक माना गया है। इससे न केवल व्रत की महिमा बढ़ती है, बल्कि मन को भी शांति और संतोष की अनुभूति होती है। श्री किशोरी जी #श्री अनिरुद्ध आचार्य जी #प्रश्नोत्तरी