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नर्सिंग शिक्षा में 'मेड इन इंडिया' क्रांति: आजमगढ़ के वेदांता इंस्टीट्यूट में हाई-टेक सिमुलेशन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न रिपोर्ट प्रदीप यादव आजमगढ़। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देते हुए नगर के लक्षीरामपुर स्थित QCI 'A' ग्रेड प्राप्त संस्थान, वेदांता स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शानदार आयोजन किया गया। "नर्सिंग शिक्षा में क्रांति – एक 'मेड इन इंडिया' पहल" विषय पर आधारित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आधुनिक सिमुलेशन तकनीकों के माध्यम से नर्सिंग छात्र-छात्राओं के व्यावहारिक कौशल को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करना रहा। ईरा नर्सिंग इंस्टीट्यूट के तकनीकी सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने पूर्वांचल में नर्सिंग प्रशिक्षण के एक नए युग की शुरुआत की है। कार्यशाला के दौरान ईरा नर्सिंग इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ वक्ताओं—सनी माली, प्रेम सिन्हा और कंचन राठौर ने प्रतिभागियों को आधुनिक नर्सिंग शिक्षा की बारीकियों से रूबरू कराया। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे उन्नत सिमुलेशन तकनीक और आधुनिक उपकरणों के जरिए जटिल चिकित्सीय प्रक्रियाओं को सुलभ और सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण की उन व्यावहारिक पद्धतियों पर जोर दिया, जो वास्तविक अस्पताल के माहौल में काम करने से पहले छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। कार्यशाला के दूसरे दिन मुख्य आकर्षण के रूप में स्टेट मेडिकल फैकल्टी, लखनऊ की नर्सिंग कंसल्टेंट डॉ. नीतू देवी और सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर कल्पना पुस्तेला उपस्थित रहीं। साथ ही, लाइफ लाइन एजुकेशन इंस्टीट्यूट से डॉ. शंभु ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अतिथियों ने संस्थान के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि 'मेड इन इंडिया' सिमुलेटर का उपयोग न केवल किफायती है, बल्कि यह नर्सिंग सेवाओं की गुणवत्ता में मील का पत्थर साबित होगा। दूसरे दिन प्रतिभागियों को एडवांस एंडोस्कोपी तकनीक, एडवांस ऑटोस्कोपी सिमुलेटर, एडवांस चेस्ट ऑस्कल्टेशन सिमुलेटर, एडवांस IUCD इंसर्शन, एडवांस PPH मैनेजमेंट, एडवांस बोन मैरो एस्पिरेशन तथा एडवांस लंबर पंचर जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सीय प्रक्रियाओं का सिमुलेशन आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से आजमगढ़ के भविष्य के नर्सिंग प्रोफेशनल न केवल किताबी ज्ञान, बल्कि गंभीर आपातकालीन स्थितियों से निपटने के व्यावहारिक कौशल से भी लैस हुए हैं। वेदांता स्कूल ऑफ नर्सिंग के इस प्रयास को जनपद में नर्सिंग शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वेदांता के डायरेक्टर विशाल जायसवाल ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक चिकित्सा प्रक्रियाओं से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल प्राप्त हुआ। कहा कि जिले में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह से नर्सिंग के छात्राओं को डम्मी प्रशिक्षण प्रदान किया गया जिसे आगे चलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने शोध एवं नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वेदांता से फैकेल्टी अनुपमा त्रिपाठी, द्वितीय स्थान – छात्रा मोनी गुप्ता, तृतीय स्थान छात्र रक्षिता ने प्राप्त किया। विजेताओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस कार्यशाला को उत्तर प्रदेश नर्सिंग एवं मिडवाइव्ज़ काउंसिल द्वारा तीन क्रेडिट अंक प्रदान किए गए। साथ ही कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किया गया। कार्यक्रम आयोजक प्राचार्य डॉ रीना पाण्डेय ने सभी आगुंतकों के प्रति आभार प्रकट किया।