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महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र | Aigiri Nandini | Mahishasura Mardini Stotram | Swami Sarvagananda Maharaj Aigiri nandini lyrics || aigiri nandini || aigiri nandini song || aigiri nandini lyrics in english Durga ma Song Lyrics, Mahisasurmardini ma song Lyrics, Mahisasurmardini song Lyrics in Hindi, #AigiriNandini #AigirNandiniStotram #DugaDevi Lyrics in Hindi and Bengali Lyrics: अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिन नुते गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते। भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥१॥ অয়ি গিরি নন্দিনি নন্দিতমেদিনি বিশ্ব-বিনোদিনি নন্দনুতে গিরিবরবিন্ধ শিরোধিনিবাসিনি বিষ্ণু-বিলাসিনি জিষ্ণুনুতে, ভগবতি হে শিতিকণ্ঠ-কুটুম্বিণি ভূরিকুটুম্বিণি ভূরিকৃতে জয় জয় হে মহিষাসুরমর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। सुरवर वर्षिणि दुर्धर धर्षिणि दुर्मुख मर्षिणि हर्षरते त्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिष मोषिणि घोषरते। दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥२॥ সুরবরবর্ষিণি দুর্ধর ধর্ষিণি দুর্মুখমর্ষিণি হর্ষরতে ত্রিভুবন পোষিণি শংকরতোষিণি কিল্বিষমোষিণি ঘোষরতে, দনুজনিরোষিণি দিতিসুতরোষিণি দুর্মদ শোষিণি সিন্ধুসুতে জয় জয় হে মহিষাসুরমর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रिय वासिनि हासरते शिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमालय शृङ्गनिजालय मध्यगते। मधुमधुरे मधुकैटभ गञ्जिनि कैटभ भञ्जिनि रासरते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिन शैलसुते ॥३॥ অযি জগদম্ব মদম্ব কদম্ব বনপ্রিয়বাসিনি হাসরতে শিখরিশিরোমণি তুঙ্গহিমালয় শৃংগনিজালয় মধ্যগতে, মধু মধু রে মধুকৈটভ গঞ্জিনি কৈটভ ভঞ্জিনি রাসরতে জয় জয় হে মহিষাসুরমর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। अयि शतखण्ड विखण्डित रुण्ड वितुण्डित शुंड गजाधिपते रिपुगजगण्ड विदारणचण्ड पराक्रमशुण्ड मृगाधिपते। निजभुजदण्ड निपातितखण्ड विपातितमुण्ड भटाधिपते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥४॥ অয়ি শতখণ্ড বিখণ্ডিতরুণ্ড বিতুণ্ডিতশুণ্ড গজাধিপতে রিপুগজগণ্ড বিদারণচণ্ড পরাক্রমশুণ্ড মৃগাধিপতে, নিজভুজ-দণ্ড নিপাতিত-খণ্ড বিপাতিত-মুণ্ড ভটাধিপতে জয় জয় হে মহিষাসুরমর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। अयि रणदुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धरनिर्जर शक्तिभृते चतुरविचार धुरीणमहाशिव दूतकृत प्रमथाधिपते। दुरितदुरीह दुराशयदुर्मति दानवदुत कृतान्तमते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥५॥ অয়ি রণদুর্মদ শত্রুবধোদিত দুর্ধরনির্জর শক্তিভৃতে চতুরবিচার ধুরীণ মহাশিবদূতকৃত প্রমথাধিপতে, দুরিত দুরীহ দুরাশয় দুর্মতি দানবদূত কৃতান্তমতে জয় জয় হে মহিষাসুর মর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। अयि शरणागत वैरिवधुवर वीरवराभय दायकरे त्रिभुवनमस्तक शुलविरोधि शिरोऽधिकृतामल शुलकरे। दुमिदुमितामर धुन्दुभिनाद महोमुखरीकृत दिङ्मकरे जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥६॥ অয়ি শরণাগত বৈরিবধূবর বীরবরাভয দায়করে ত্রিভুবন মস্তক শূলবিরোধি শিরোধি কৃতামল শূলকরে, দুমিদুমি তামর দুন্দুভিনাদ মহো মুখরীকৃত তিগ্মকরে জয় জয় হে মহিষাসুরমর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। अयि निजहुङ्कृति मात्रनिराकृत धूम्रविलोचन धूम्रशते समरविशोषित शोणितबीज समुद्भव शोणित बीजलते। शिवशिवशुम्भ निशुम्भमहाहव तर्पितभूत पिशाचरते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥७॥ অয়ি নিজ হুংকৃতি মাত্র নিরাকৃত ধূম্র বিলোচন ধূম্রশতে সমর বিশোষিত শোণিত বীজ সমুদ্ভব শোণিত বীজলতে, শিব শিব শুম্ভ নিশুম্ভ মহাহব তর্পিত ভূত পিশাচরতে জয় জয় হে মহিষাসুরমর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। धनुरनुषङ्ग रणक्षणसङ्ग परिस्फुरदङ्ग नटत्कटके कनकपिशङ्ग पृषत्कनिषङ्ग रसद्भटशृङ्ग हताबटुके। कृतचतुरङ्ग बलक्षितिरङ्ग घटद्बहुरङ्ग रटद्बटुके जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥८॥ ধনুরনুষঙ্গ রণক্ষণসঙ্গ পরিস্ফুরদঙ্গ নটৎকটকে কনক পিশঙ্গ পৃষৎকনিষঙ্গ রসদ্ভট শৃংগ হতাবটুকে, কৃত চতুরঙ্গ বলক্ষিতি রঙ্গ ঘটদ্বহুরঙ্গ রটদ্বটুকে জয় জয় হে মহিষাসুরমর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। सुरललना ततथेयि तथेयि कृताभिनयोदर नृत्यरते कृत कुकुथः कुकुथो गडदादिकताल कुतूहल गानरते। धुधुकुट धुक्कुट धिंधिमित ध्वनि धीर मृदङ्ग निनादरते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥९॥ সুরললনা ততথেয়ি তথেয়ি তথাভিনয়োদর নৃত্য় রতে কৃত কুকুথ কুকুথো গডদাদিক তাল কুতূহল দানরতে, ধুধুকুট ধুককুট দিহিং ধিমিত ধ্বনি ধীর মৃদঙ্গ নিনাদরতে জয় জয় হে মহিষাসুর-মর্দিনি রম্য়কপর্দিনি শৈলসুতে। जय जय जप्य जयेजयशब्द परस्तुति तत्परविश्वनुते झणझणझिञ्झिमि झिङ्कृत नूपुर शिञ्जितमोहित भूतपते। नटित नटार्ध नटी नट नायक नाटितनाट्य सुगानरते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥१०॥ জয় জয় জপ্যজয়ে জয় শব্দপরস্তুতি তৎপর বিশ্বনুতে ঝণঝণ ঝিঞ্জিমি ঝিঙ্কৃতনূপুর সিঞ্জিত মোহিত ভূতপতে, নটিত নটার্ধ নটীনটনায়ক নাটিতনাট্য সুগানরতে জয় জয় হে মহিষাসুরমর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। अयि सुमनःसुमनःसुमनः सुमनःसुमनोहरकान्तियुते श्रितरजनी रजनीरजनी रजनीरजनी करवक्त्रवृते। सुनयनविभ्रमर भ्रमरभ्रमर भ्रमरभ्रमराधिपते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥११॥ অয়ি সুমনঃ সুমনঃ সুমনঃ সুমনঃ সুমনোহর কান্তিয়ুতে শ্রিত রজনী রজনী রজনী রজনী রজনীকর বক্ত্রবৃতে, সুনয়ন বিভ্রমর ভ্রমর ভ্রমর ভ্রমর ভ্রমরাধিপতে জয় জয় হে মহিষাসুরমর্দিনি রম্যকপর্দিনি শৈলসুতে। सहितमहाहव मल्लमतल्लिक मल्लितरल्लक मल्लरते विरचितवल्लिक पल्लिकमल्लिक झिल्लिकभिल्लिक वर्गवृते। शितकृतफुल्ल समुल्लसितारुण तल्लजपल्लव सल्ललिते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥१२॥ अविरलगण्ड गलन्मदमेदुर मत्तमतङ्ग जराजपते त्रिभुवनभुषण भूतकलानिधि रूपपयोनिधि राजसुते। अयि सुदतीजन लालसमानस मोहन मन्मथराजसुते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते