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यह कलाम सूफ़ी संत बुल्ले शाह की उस अग्नि का स्वर है, जो सत्य को दबाने नहीं देती। “मूंह आई बात ना रहन्दी ए” — जब भीतर का सच जागता है, तो वह होंठों तक आकर रुकता नहीं। इस रचना में झूठ और सच का संघर्ष है, अहंकार और विनम्रता की टकराहट है, बाहर खोजने वाली दुनिया को भीतर झाँकने की पुकार है। यह कलाम हमें याद दिलाता है: • ईश्वर हर जगह है — हर हर में • ज्ञान से अधिक अनुभव सत्य है • जो सत्य कहता है, वह व्यवस्था को हिला देता है • और जो भीतर उतरता है, वही शांति पाता है मंसूर की तरह, सत्य बोलना आसान नहीं। पर सूफ़ी मार्ग डर का नहीं — प्रेम का मार्ग है। अगर यह कलाम आपके दिल को छू जाए, तो सुनिए… महसूस कीजिए… और भीतर उतरिए। 🎧 Vocal Rendition: Mehfil Verse 🎶 Style: Sufi Qawwali | Punjabi Spiritual | Devotional 🔖 HASHTAGS #BullehShah #SufiKalam #SufiQawwali #PunjabiSufi #SpiritualMusic #MehfilVerse #SufiSoul #MysticPoetry #SufiLove #DivineTruth