У нас вы можете посмотреть бесплатно महाशिवरात्रि स्पेशल | भोले बाबा की दिव्य झांकी और बारात जबलपुर или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
🌺 महाशिवरात्रि — जबलपुर का आध्यात्मिक महासंगम महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान शिव के सम्मान और आराधना के लिए मनाया जाता है। भारत के अनेक हिस्सों की तरह जबलपुर में भी यह उत्सव भक्तिभाव, उल्लास और सांस्कृतिक समृद्धि के साथ मनाया जाता है। जबलपुर — जिसे संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है — महाशिवरात्रि के दिन भक्तों की भीड़, मंदिरों की शोभा, रुद्राभिषेक, शिव भजन, कीर्तन और विशेष रूप से निकली शिव की बारात (शिव बारात) के लिए प्रसिद्ध है।� bhaskarhindi.com यह पर्व मुख्यतः फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है, जब रात्रि अत्यधिक पवित्र मानी जाती है। इस दिन शिव भक्त उपवास रखते हैं, शिवलिंग का रुद्राभिषेक करते हैं, भजन-कीर्तन में भाग लेते हैं, और रात्रि जागरण करते हैं। महाशिवरात्रि की रात को “शिवरात्रि” कहा जाता है, जिसका संस्कृत अर्थ है “शिव की रात” — यानी भगवान शिव को समर्पित रात।� bhaskarhindi.com 🎉 बारात व झाँकी: “महाशिवरात्रि की शोभा यात्रा” जबलपुर में महाशिवरात्रि पर निकली शिव बारात और झाँकियाँ का आयोजन एक भव्य सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। यह यात्रा आमतौर पर स्थानीय मंदिरों और शिवालयों से शुरू होती है, जहाँ भक्त भगवान शिव और माता पार्वती के रूप में पात्रों को सजाकर एक शाही बारात की तरह निकाला जाता है।� bhaskarhindi.com 🌟 बारात की शुरुआत शाम के समय धीरे-धीरे भक्तों की संख्या बढ़ने लगती है। बारात की शुरुआत उस मंदिर से होती है जहाँ पहले शिव-पार्वती की मूर्तियाँ स्थापित की जाती हैं। कुछ स्थानों पर भगवान शिव को दूल्हा की तरह सजाया जाता है और माता पार्वती को दुल्हन के रूप में दर्शाया जाता है। इस उत्सव में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और शंख-धरमार्ग द्वारा शिव विवाह की परंपरा का प्रतिनिधित्व भी किया जाता है।� bhaskarhindi.com बारात की मुख्य झाँकियों में निम्न तत्त्व शामिल होते हैं: भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाएँ सजाकर निकाली जाती हैं। भगवान शिव की बारात को शाही सवारी की तरह सजी-धजी रेलियों से प्रस्तुत किया जाता है। बारात में भक्त भजन, कीर्तन, डholak-मृदंग की धुनें, ढोल-नगाड़ों की ताल, और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हैं। कई स्थानों पर भक्त हाथ में त्रिशूल, भोलेनाथ का झंडा, और ध्वज लेकर चलते हैं, जो उत्सव की ऊर्जा को और बढ़ाते हैं।� bhaskarhindi.com यह यात्रा एक लंबे मार्ग से गुज़रती है — जैसे बड़े मंदिर से लेकर शहर के विभिन्न चौराहों, बाजारों, कॉलोनियों और चौक-चौराहों के बीच — जहाँ बारात के मार्ग को विशेष रोशनियों, फूलों, रंगों और धार्मिक नारों से सजाया जाता है।� bhaskarhindi.com 📜 बारात का मार्ग और आयोजन जबलपुर की महाशिवरात्रि बारात सामान्यतः शाम से रात तक चलती है, जब भक्त सत्ति भावना के साथ चल रहे होते हैं। बारात का मार्ग इस प्रकार से निर्धारित किया जाता है कि वह मुख्य शहर के भीड़-भाड़ वाले हिस्सों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से गुज़रता हुआ समापन स्थल तक पहुँचे।� bhaskarhindi.com उदाहरणतः, कुछ बारातें इस प्रकार निकली हैं: भरतीपुर प्राचीन मंदिर से निकली बारात रूट: बड़ी ओमती → विक्टोरिया रोड → तुलाराम चौक → मालवीय चौक → लार्डगंज → कमानिया → घोड़ा नक्कास → हनुमानताल → बड़ी खेरमाई → घमापुर चौक और वापस मंदिर मातृशक्ति एवं श्रद्धालुओं के स्वागत कार्यक्रम कुल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बारात के समापन पर विधिवत पूजा व प्रसाद वितरण बारात के उपरांत फलाहार भंडारा तथा कीर्तन कार्यक्रम इत्यादि।� bhaskarhindi.com यह मार्ग शहर के दिल से गुज़रता है, जहाँ गुजरते समय स्थानीय लोग भी झंडे, दीप, फूल, मिठाइयाँ और जलपान के साथ बारात का स्वागत करते हैं। अनेक स्थानों पर स्थानीय प्रशासन और मंदिर समितियाँ आयोजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी करती हैं — जैसे आवाज-प्रकाश, यातायात नियंत्रण, भंडारा व्यवस्थाएँ, और सुरक्षा इंतज़ाम।