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महाशिवरात्रि पर्व के मद्देनज़र वाराणसी के दशाश्वमेध थाना परिसर में आज एक महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य महाशिवरात्रि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, शांति बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर रणनीति तैयार करना रहा। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी संतोष सिंह ने की। इस दौरान क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों, मंदिर समिति के सदस्यों और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया कि पर्व के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को कैसे सुव्यवस्थित किया जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से कैसे बचा जाए।थाना प्रभारी ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे श्रद्धालुओं के सहयोग में आगे आएं और विशेष रूप से जेबकतरे एवं असामाजिक तत्वों पर सतर्क नजर रखें। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन की ओर से जगह-जगह विशेष प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहां से संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।इसके साथ ही मंदिर और आसपास के प्रमुख मार्गों व दुकानों पर जागरूकता के लिए विशेष संकेत और सूचनाएं भी लगाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालु स्वयं भी अपने सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।इस अवसर पर विशालाक्षी मंदिर के महंत राजनाथ तिवारी की ओर से जानकारी दी गई कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करेगी और गेट से लेकर गर्भगृह तक स्वयंसेवकों की पूरी टीम तैनात रहेगी।महंत ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पूजा-अर्चना के दौरान संयम और अनुशासन बनाए रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।बैठक के अंत में थाना प्रभारी संतोष सिंह ने स्पष्ट किया कि महाशिवरात्रि के दौरान पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा। उद्देश्य यही है कि श्रद्धालु निर्भय होकर बाबा के दर्शन कर सकें और काशी में पर्व शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हो।